
बिलासपुर शहर में आयोजित होने जा रहे अखिल भारतीय हिंदू शौर्य कवि सम्मेलन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सम्मेलन के प्रचार के दौरान किए जा रहे एक कथित अनाउंसमेंट पर गंभीर आपत्तियां सामने आई हैं, जिसके बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है। दरअसल, 31 जनवरी को बिलासपुर के पुलिस ग्राउंड में अखिल भारतीय हिंदू शौर्य कवि सम्मेलन प्रस्तावित है। आयोजन के प्रचार के दौरान यह अनाउंसमेंट किए जाने का आरोप है कि कार्यक्रम में गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित रहेगा। इसी बात को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है।इस अनाउंसमेंट के सामने आने के बाद कई सामाजिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। संगठनों का कहना है कि इस तरह का प्रचार संविधान और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है तथा इससे समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है।

विवाद बढ़ने के साथ ही यह सवाल भी उठने लगे हैं कि जब आयोजन को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं, तो पुलिस ग्राउंड जैसी शासकीय जगह कार्यक्रम के लिए कैसे उपलब्ध कराई गई। मामले को लेकर प्रशासन से जवाब मांगा जा रहा है।पूरे मामले पर पुलिस विभाग की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि किसी भी आयोजन को तय नियमों और गाइडलाइन के तहत ही अनुमति दी जाती है और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आयोजकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर आयोजन को रद्द किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और अनाउंसमेंट तथा प्रचार सामग्री की जांच की जा रही है। अब देखना होगा कि आयोजक नियमों का पालन करते हैं या फिर इस कवि सम्मेलन पर कोई कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई होती है।




