26.5 C
Bilāspur
Tuesday, April 7, 2026
spot_img

सिम्स में राज्य स्तरीय आर्थोग्नेथिक सर्जरी कांफ्रेंस आयोजित

ऐसे बाहर निकले दांत जिसे तार लगाकर भी ठीक नहीं किया जा सकता है, उसका भी आर्थोग्नेथिक पद्धति के माध्यम से सर्जरी कर मरीजों को बड़ी राहत मिल सकेगी।सिम्स के दंत रोग विभाग के चिकित्सक पहले भी आर्थोग्नेथिक सर्जरी के माध्यम से जबड़े की विकृति और बाहर निकले दांत को ठीक करते आ रहे हैं, ऐसे में इस सर्जरी से प्रदेश के सभी दंत रोग चिकित्सकों को अवगत कराने के उद्देश्य से ही दंत रोग विभाग द्वारा आर्थोग्नेथिक सर्जरी कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें जिले और प्रदेश के 150 से ज्यादा चिकित्सकों ने शिरकत की और इस नई पद्धति से अवगत हुए हैं। साफ है कि आने वाले दिनों में यह चिकित्सक भी आर्थोग्नेथिक सर्जरी कर मरीजों का इलाज करेंगे।

इस कार्यशाला में सिम्स के डीन सहित अन्य विशेषज्ञों ने इस विषय पर अपना-अपना शोध एवं व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस दौरान इन्होंने अपने शोध का वाचन करते हुए बताया कि इस प्रकार की सर्जरी उन मरीजों में की जाती है जिन मरीजों के जबड़े बचपन से विकृत हो गये है, सामान्य से ज्यादा बढ़ गये है या सामान्य से छोटा हो गये है। इस कांफ्रेंस को सफल बनाने में डा़ भूपेंद्र कश्यप, डा़ जंडेल सिंह ठाकुर के निर्देशन में दन्त चिकित्सा विभाग के चिकित्सक डा़ संदीप प्रकाश, डा़ हेमलता राजमणी, डा़ प्रकाश खरे, डा़ सोनल पटेल एवं सिस्टर ग्रेसी तथा कर्मचारी ओमकानाथ यादव, उमेश साहू का विशेष योगदान रहा।

इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि के रूप में डीन डा़ रमणेश मूर्ति, विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ डेंटल कौंसिल रायपुर के राजिस्ट्रार डा़ अमित वास्ती मौजूद रहे। विशेष अतिथि के रूप में डा़ एआर बेन, डा़ मधुमिता मूर्ति, न्यू होराइजन डेंटल कालेज के डीन डा़ राणा वर्गिस उपस्थित रहे।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

132,000FansLike
3,912FollowersFollow
21,600SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles