कोरमी पंचायत ने अवैध कब्जे पर कसा शिकंजा, 7 दिन में हटाने का अल्टीमेटम स्कूल और आंगनबाड़ी प्रभावित, ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग

ग्राम पंचायत कोरमी जनपद पंचायत बिल्हा में मनरेगा से निर्मित मुख्य मार्ग पर अवैध कब्जे को लेकर पंचायत ने सख्त रुख अपनाया है। सरपंच सुंदरलाल दिलहरण ध्रुव की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि बिना अनुमति किए गए कब्जे को 7 दिनों के भीतर स्वयं हटाया जाए, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों और पंचों की उपस्थिति में इस निर्णय को पंचायत प्रस्ताव के रूप में पारित कर दिया गया है।मामला असुमन प्रसाद आडिल का है, जिन्होंने बिना अनुमति मेन रोड पर कब्जा कर लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रास्ता प्राथमिक शाला और आंगनबाड़ी से जुड़ा है, जिस पर बच्चों और महिलाओं का रोज़ आना-जाना होता है। अवैध कब्जे के कारण ना सिर्फ स्कूल की गतिविधियाँ प्रभावित हो रही हैं, बल्कि राशन वितरण और अन्य आवश्यक सेवाओं में भी बाधा आ रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे छोटे बच्चों और बुजुर्गों को स्कूल व आंगनबाड़ी तक पहुंचने में भारी परेशानी होती है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस कब्जे के पीछे पंचायत के कुछ लोगों की मिलीभगत हो सकती है। इससे पहले भी पंचायत द्वारा 20 दिनों का समय दिया गया था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।अब ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर अवैध कब्जे को हटाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। ग्रामीणों ने कहा कि यदि प्रशासन निष्क्रिय रहता है, तो वे धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। पंचायत अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग करते हुए ग्रामीणों ने मीडिया से भी अपील की कि वे इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएं, ताकि गांव का मुख्य मार्ग पुनः आम जनता के लिए मुक्त हो सके।

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