वार्ड 29 में जनता त्रस्त, अफसर मस्त! पार्षद ने उठाया प्रशासनिक सुस्ती पर सवाल बीमारियां, अंधेरा, गंदा पानी और टूटी सड़कें… हर तरफ हाहाकार, जिम्मेदार बेखबर!

बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 29, संजय गांधी नगर, तारबाहर की हालत दिनोंदिन बदतर होती जा रही है। यहां की जनता पानी, सड़क, नाली और लाइट जैसी बुनियादी समस्याओं से त्रस्त है, मगर प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। पार्षद शेख असलम ने एक नहीं, दर्जनों बार इन समस्याओं को लेकर आवेदन दिए, लेकिन न नगर निगम जागा, न जिला प्रशासन ने सुध ली।वीओ यहां लोगों को न पीने के लिए साफ पानी मिल रहा है, न चलने के लिए सड़क। अमृत मिशन योजना के तहत जो पाइपलाइन बिछाई गई थी, उससे अब गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है।

कई बार इसकी शिकायत की गई, लेकिन नतीजा शून्य रहा। पार्षद के मुताबिक गंदा पानी पीने से दो लोगों की मौत हो चुकी है, और कई बीमारियों से जूझ रहे हैं।इलाके की नालियां महीनों से साफ नहीं हुईं। बरसात के दिनों में पानी घुटनों तक भर जाता है और नाले का गंदा पानी सीधे घरों में घुसता है। विशेषकर नावपारा और मल्लापुरम जैसे मोहल्लों में हालात नारकीय हो चुके हैं। लोग सांप-बिच्छू के खौफ में जीने को मजबूर हैं।पार्षद का कहना है कि रेलवे द्वारा एक पुराने नाले का बहाव रोक देने से हालात और बिगड़ गए हैं।सीसी रोड पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। पार्षद निधि से ₹6 लाख स्वीकृत होने के बावजूद आज तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ। नागरिकों को जलभराव से रोज़ाना जूझना पड़ता है। वाहन फंस जाते हैं, बच्चे गिर जाते हैं और बुजुर्ग घरों में कैद होकर रह गए हैं। स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना भी दूभर हो गया है।

स्ट्रीट लाइट की हालत और भी चिंताजनक है। पूरी बस्ती अंधेरे में डूबी रहती है। महिलाओं और स्कूली बच्चियों को शाम ढलते ही घरों से निकलने में डर लगता है। असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। पार्षद ने कहा है कि यदि जल्द स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई, तो वह जन आंदोलन की राह पकड़ेंगे। पेयजल संकट भी गंभीर रूप ले चुका है। पाइप से गंदा पानी आने के कारण कई घरों में पीने योग्य पानी नहीं है। लोग एक-एक किलोमीटर दूर से पीने का पानी ढो रहे हैं। दो नए बोर खनन की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद ने कहा कि जनता के सब्र का बांध अब टूटने वाला है।पार्षद शेख असलम ने जी न्यूज के माध्यम से जनता की पीड़ा साझा करते हुए कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन और मीडिया के जरिए प्रशासन की जवाबदेही तय करेंगे।

उन्होंने नगर निगम आयुक्त से लेकर जोन कमिश्नर और कलेक्टर तक को पत्राचार किया है, लेकिन किसी ने समाधान नहीं किया।पार्षद ने आरोप लगाया है कि अफसर कुंभकर्णी नींद में हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। जनता की बीमारी, मौत और पीड़ा पर संवेदनहीनता की हद पार हो चुकी है। अब यदि प्रशासन ने आंख नहीं खोली, तो इस वार्ड में बड़ी जन प्रतिक्रिया तय मानी जा रही है। बिलासपुर नगर निगम के अन्य वार्डों से ज्यादा तारबाहर वार्ड 29 में हालात अब बर्दाश्त के बाहर हैं। पार्षद शेख असलम ने चेतावनी दी है अब सिर्फ ज्ञापन नहीं, संघर्ष होगा। प्रशासन अगर अब भी नहीं जागा, तो जनता सड़कों पर उतरकर जवाब मांगेगी। जिम्मेदार अफसरों को जनता के आंसुओं और जनाक्रोश का सामना करना पड़ेगा। यह चेतावनी नहीं, बिगुल है… जो अब थमेगा नहीं, जब तक वार्ड को उसका हक और हकदार सम्मान नहीं मिल जाता।

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