
बिलासपुर जिले में पर्यावरण और जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने की तैयारी पूरी हो चुकी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल की पहल पर 5 जुलाई से जिले में एक व्यापक महाअभियान की शुरुआत की जा रही है, जिसका उद्देश्य खाली पड़ी शासकीय भूमि पर वृक्षारोपण, अरपा नदी किनारे हरियाली विस्तार और स्कूलों व आंगनबाड़ियों में सामूहिक पौधारोपण करना है।इस अभियान में पंचायती राज, वन उद्यान और शिक्षा विभाग मिलकर कार्य करेंगे। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को भी जोड़ा गया है, जो अपने आवास के पास पौधारोपण करेंगे। गोठानों में सीएलएफ के माध्यम से फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही अरपा नदी के किनारे भी वृक्षारोपण अभियान को विस्तार दिया जाएगा।एक पेड़ माँ के नाम अभियान को भी इस महाअभियान से जोड़ा गया है, जिसे जून महीने में उत्साह से अपनाया गया था।जिले के चारों विकासखंडों में वृक्षारोपण का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है बिल्हा में 84 हजार, कोटा में 54 हजार, मस्तूरी में 60 हजार और तखतपुर में 70 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा, उद्योगिक संस्थानों और नागरिक सहभागिता से 1.5 लाख पौधों का वृक्षारोपण किया जाना है। अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मस्तूरी में 1956, बिल्हा में 2051, कोटा में 1986 और तखतपुर में 1771 पौधे हितग्राहियों द्वारा लगाए जा चुके हैं।कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा है कि यह अभियान सिर्फ एक दिन का नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए पर्यावरणीय जागरूकता और संरक्षण की दिशा में एक स्थायी प्रयास है। जिले के सभी विभागों, संगठनों और आम नागरिकों से अधिकाधिक सहभागिता की अपील की गई है ताकि बिलासपुर हरियाली और जल संरक्षण के क्षेत्र में उदाहरण बन सके।




