
जिले के विकासखंड मुंगेली अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सिंघनपुरी में प्रधान पाठक सतनामदास पात्रे नशे की हालत में स्कूल पहुंचे और खुद को कक्ष में बंद कर लिया। जब सुबह 11:30 बजे अन्य शिक्षक स्कूल पहुंचे और पाया कि विद्यालय का दरवाजा अंदर से बंद है। स्थिति को गंभीर देखते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रतिभा मंडलोई स्वयं मौके पर पहुंचीं। काफी प्रयास के बाद जब दरवाजा खुलवाया गया, तो यह स्पष्ट हुआ कि प्रधान पाठक नशे में धुत्त थे।

जिस पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी डॉक्टर प्रतिमा मंडलोई ने जमकर फटकार लगाई और उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय मुंगेली भेजा गया, जहां मेडिकल परीक्षण में उनके द्वारा नशीले पदार्थ के सेवन की पुष्टि हुई। इस दौरान स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियां और मध्यान्ह भोजन योजना प्रभावित रही। इस गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रतिभा मंडलोई द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर प्रधान पाठक सतनामदास पात्रे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

शिक्षा विभाग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। डॉ. मंडलोई ने बताया कि प्रधान पाठक का यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1965 के नियम 3 और 23 का स्पष्ट उल्लंघन है। यह आचरण शासकीय सेवक की मर्यादा और पद की गरिमा के विरुद्ध है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। जब शिक्षा विभाग द्वारा उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया, तो उन्होंने कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया। फलस्वरूप, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के अंतर्गत उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा कार्यालय मुंगेली में निर्धारित किया गया है और नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी सेवा में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा सर्वोपरि है। इस प्रकार की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और भविष्य में भी ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




