
ग्राम गुमा में एक ज़मीन विवाद ने तूल पकड़ लिया है। गांव के ही नेतमन गेंदले ने सरपंच जितेंद्र गेंदले और उनके परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि सरपंच पद का दुरुपयोग कर राजनीतिक प्रभाव, गुंडा तत्व और झूठे आदेशों के सहारे निजी ज़मीन पर अवैध कब्जे की साजिश रच रहे हैं।नेतमन ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपते हुए बताया कि वर्ष 1975-76 में ज़मीन का पारिवारिक बंटवारा हो चुका है। लेकिन अब जब ज़मीन की कीमत बढ़ गई है, तो सरपंच और उनके लोग झूठे स्थगन आदेश और पटवारी पर दबाव डालकर ज़मीन हथियाने की कोशिश कर रहे हैं।आरोप यह भी है कि 15 जुलाई की रात पंचायत भवन में शराब पिलाकर कुछ असामाजिक तत्वों को उनके घर भेजा गया, जहाँ गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी दी गई।पीड़ित का कहना है कि उन्हें धमकाया गया कि अगर उन्होंने आवाज उठाई, तो उन्हें महिलाओं से छेड़छाड़ के झूठे मामलों में फंसाया जाएगा। थाना स्तर पर शिकायत की अनदेखी हो रही है, इसलिए उन्होंने सीधे पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।इतना ही नहीं, विवादित भूमि को लेकर एक और बड़ा दावा किया गया है पीड़ित ने बताया कि यह ज़मीन एक धार्मिक स्थल, सतपुरुष मंदिर की है, जिसे उनके पूर्वजों ने स्थापित किया था। आज भी वहां पूजा होती है, लेकिन अब उसी जमीन पर कब्जे की साज़िश की जा रही है। प्रशासन के पास मामला पहुंच गया है अब सबकी निगाहें निष्पक्ष कार्रवाई पर टिकी हैं।




