
पहले फ्लाइट जगदलपुर-बिलासपुर-जगदलपुर सेक्टर में चल रही थी, लेकिन अब शेड्यूल बदलकर जबलपुर- जगदलपुर- जबलपुर सैक्टर कर दिया गया है। इससे बिलासपुर आने-जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है और वे दूसरी सुविधाओं का सहारा लेने को मजबूर हैं। राज्य सरकार और एयरलाइन कंपनी एलायंस एयर के बीच हुए एमओयू में बदलाव का जन संगठन और व्यापारिक संगठनों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि पहले बिलासपुर एयरपोर्ट से रोज करीब 900 से अधिक यात्री सफर करते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर लगभग 60 फीसदी तक पहुंच गई है। संगठन ने आरोप लगाया कि बिलासपुर जैसे बड़े शहर को हवाई सेक्टर से काटना यहां के विकास के साथ अन्याय है। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने मांग की है कि पुराने जगदलपुर- बिलासपुर- जगदलपुर सेक्टर के हिसाब से ही विमान संचालन फिर शुरू किया जाए। समिति का कहना है कि जगदलपुर-बिलासपुर-जगदलपुर सेक्टर बहाल होने से न सिर्फ दोनों संभागों के बीच सीधा हवाई संपर्क लौटेगा, बल्कि दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों के लिए भी कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। इससे व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बड़ा लाभ मिलेगा। समिति ने चेतावनी दी है कि मांग नहीं माने जाने पर वे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रतिनिधि मंडल ने सरकार से एमओयू में संशोधन कर बिलासपुर को फिर से सेक्टर में शामिल करने की अपील की है। नागरिकों का कहना है कि जिस बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को प्रदेश में हवाई सेवा की नई उम्मीद के रूप में देखा जा रहा था, उसे सेक्टर बदलकर सुनसान नहीं छोड़ा जा सकता।




