
बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अब सख्त रुख अपनाया गया है। खासकर नए शामिल किए गए वार्डों में बिना अनुमति जमीनों की खरीद-फरोख्त और अवैध कॉलोनियों के मामलों ने निगम प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अवैध प्लाटिंग न केवल शहर के मास्टर प्लान को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि आम लोगों को भविष्य में कानूनी विवादों और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी गंभीर समस्याओं में भी फंसा रही है। इन हालात को देखते हुए निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने शहरव्यापी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।आयुक्त ने स्वयं कई वार्डों और जोनों का निरीक्षण किया, जहां बिना लेआउट स्वीकृति के प्लाटिंग और नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए।

इसके बाद सभी जोन कमिश्नरों को नियमित जांच कर रिपोर्ट निगम मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।निगम प्रशासन के अनुसार कार्रवाई तीन चरणों में होगी। पहले चरण में अवैध प्लाटिंग की पहचान की जाएगी, दूसरे चरण में संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे और इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं करने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।कार्रवाई के तहत अवैध प्लाटिंग को सील करना, सड़क, नाली और अन्य सुविधाएं रोकना, साथ ही जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराना भी शामिल है। नए वार्डों में ड्रोन सर्वे, फील्ड निरीक्षण और शिकायतों के आधार पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।

निगम आयुक्त ने साफ कहा है कि अवैध प्लाटिंग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगम की इस सख्ती से जहां भूमाफियाओं में हड़कंप है, वहीं आम नागरिकों को उम्मीद है कि बिलासपुर का विकास अब नियोजित और सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ेगा। निगम प्रशासन की इस निर्णायक कार्रवाई से साफ है कि बिलासपुर में अब अवैध प्लाटिंग के लिए कोई जगह नहीं है। प्रशासन की सख्ती जहां नियम तोड़ने वालों के लिए चेतावनी है, वहीं आम नागरिकों के हित में यह कदम शहर को व्यवस्थित, सुरक्षित और योजनाबद्ध विकास की दिशा में आगे ले जाने की उम्मीद भी जगाता है।




