
बिलासपुर में एक ऐसा सामाजिक सच सामने आया है जहां दहेज या गरीबी नही बल्कि छुआछूत और दबंगई ने शादियों पर ब्रेक लगा दिया है। सीपत क्षेत्र के नरगोड़ा और गुड़ी गांव जहां नोनिया समाज के लोग आरोप लगा रहे हैं कि पिछले 10 साल से बेटियों-बेटों की शादियां रोकी जा रही हैं आरोप है कि समाज के ही कुछ कथित नेता रिश्ते तुड़वा रहे हैं पैसों की मांग कर रहे हैं और सामाजिक बहिष्कार की धमकी दे रहे हैं क्या है। सीपत थाना क्षेत्र के नरगोड़ा और गुड़ी गांवों में नोनिया समाज के 300 से अधिक लोग सामाजिक प्रताड़ना का आरोप लगा रहे हैं

दर्जन भर से ज्यादा युवक-युवतियां शादी की उम्र पार कर चुके हैं लेकिन रिश्ते आगे बढ़ने ही नहीं दिए जा रहे आरोप है कि जहां भी रिश्ता तय होता है वहां साफ कह दिया जाता है गुड़ी और नरगोड़ा में शादी मत करो। यह मामला सिर्फ शादियों तक सीमित नहीं है इसकी सबसे गहरी चोट महिलाओं पर पड़ रही है आरोप है कि जो बेटियां पहले शादी होकर दूसरे गांव गई हैं या जो बहुएं गुड़ी और नरगोड़ा आई हैं उन्हें रिश्ते तोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है

यहां तक कि मांगलिक या दुख की घड़ी में शामिल न होने का दबाव भी बनाया जा रहा है।बाईट- बृहस्पति बाई, बूढ़ी महिला,पर्पल साड़ी में। सबसे गंभीर आरोप यह है कि जो परिवार समाज में शामिल होना चाहता है उससे पैसों की मांग की जाती है पीड़ितों ने पूरे मामले की लिखित शिकायत सीपत थाने में दर्ज कराई है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप है।

सवाल बड़ा है जब कानून सबको बराबरी का हक देता है तो समाज में यह छुआछूत क्यों?नरगोड़ा और गुड़ी गांव के नोनिया समाज को अब सिर्फ आश्वासन नहीं न्याय चाहिए अब देखना होगा कि प्रशासन कब इन आरोपों पर सख्त कार्रवाई करता है।




