
उप मुख्यमंत्री अरुण साव गुरुवार शाम अपने गृहग्राम लोहड़िया में आयोजित श्रीरामचरित मानस अखंड नवधा रामायण में शामिल हुए और श्रीराम कथा का श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने गांव के सियान और महतारियों से आत्मीय संवाद भी किया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में लगातार नवधा रामायण का आयोजन होना नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने की दिशा में बेहद आवश्यक है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के प्रेम, संस्कार और आशीर्वाद की बदौलत ही आज गांव का यह बेटा लोहड़िया के बेटे के नाम से पहचाना जाता है। उन्होंने कहा कि गांव के कई लोग आज नाम और प्रतिष्ठा कमा रहे हैं और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। यह गांव केवल मेरा जन्मस्थान नहीं, बल्कि मेरा परिवार है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि जब भी वे लोहड़िया आते हैं, तो बचपन की तरह ऊर्जा और उत्साह से भर जाते हैं। यहां आना ही मन को प्रसन्नता से भर देता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल का सबसे अधिक समय छत्तीसगढ़ की धरती पर बिताया है, इसलिए यहां के कण-कण में प्रभु राम विराजमान हैं और उनकी विशेष कृपा से यह भूमि खुशहाली और तरक्की की प्रतीक बनी हुई है।

अरुण साव ने श्रीराम के आदर्श चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत में अनेक ग्रंथ हैं, लेकिन ‘मानस’ शब्द केवल रामकथा में मिलता है। मन को मानस कहा गया है, इसलिए भगवान राम के चरित्र को मन में उतारने के लिए रामचरित मानस का पाठ आवश्यक है। प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलकर ही हम अपने जीवन को सार्थक और धन्य बना सकते हैं।




