एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में महर्षि यूनिवर्सिटी में आंदोलन कर छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में महर्षि यूनिवर्सिटी में आंदोलन कर छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के निरीक्षण समिति के अधिकारियों का घेराव किया गया।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी मंगला बिलासपुर(छ.ग.) में व्याप्त अनेक गड़बड़ी एवं फर्जीवाडा पर रोक लगाकर मान्यता/संबद्धता रद्द करने के लिए सीजीपीयूआरसी आयोग के अधिकारियों से चर्चा की।
रंजीत सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग की निरीक्षण समिति का प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी महर्षि यूनिवर्सिटी के भौतिक निरीक्षण हेतु विश्वविद्यालय आगमन हुआ है,महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी मंगला बिलासपुर एवं महर्षि शिक्षा संस्थान (शिक्षा विभाग) मंगला बिलासपुर जो की सीजीपीयूआरसी विभाग द्वारा संबद्धता प्राप्त एक निजी विश्वविद्यालय है, यह विश्वविद्यालय स्थापना वर्ष से ही अपने अनियमिताओं भ्रष्टाचार एवं नियम विरुद्ध संचालन जैसे गैर कानूनी कृत्य करते आ रही है। इन्ही विभिन्न कमियों एवं अनियमितताओं के कारण इस महर्षि विश्वविद्यालय को पूर्व में सत्र 2014-15 में मान्यता समाप्त कर बंद कर दिया गया था। इसके पश्चात यह विश्वविद्यालय सत्र 2019-20 में पुनः संचालित की गई इसके पश्चात भी यह विश्वविद्यालय अपने अड़ियल रवैया का परिचय देते हुए लगातार पूरे प्रदेश में अवैधानिक रूप से केंद्र संचालित करना,कूटरचित दस्तावेज के आधार पर कुलपति की नियुक्ति,बिना शिक्षकों के पाठ्यक्रम का संचालन करना, बिना हॉस्टल निर्माण के विश्वविद्यालय की मान्यता लेना, एक ही भूमि भवन कर्मचारियों के दस्तावेजों के आधार पर दो संस्थाओं का संचालन करना एवं छात्रवृत्ति के नाम पर करोड़ों रुपए का घोटाला करते हुए प्रति वर्ष शासन को वित्तीय क्षति पहुंचाना, आरटीआई के नाम पर अवैध फीस वसूली,बिना गाइड एवं प्राध्यापकों के पीएचडी पाठ्यक्रम का संचालन करना साथ ही मुख्य परीक्षाओं में परीक्षा कक्ष में खुलेआम नकल कराने का गैरकानूनी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही अनेक बिंदुओं पर महर्षि यूनिवर्सिटी की शिकायत छात्रहित में हमारे द्वारा यूनिवर्सिटी के कुलपति एवं कुलसचिव को ज्ञापन के माध्यम से कमियों को दूर करने हेतु अनुरोध किया गया साथ ही सीजीपीयूआरसी में भी विभिन्न पत्रों के माध्यम से विभिन्न बिंदुओं पर शिकायत दर्ज कराई गई है। किंतु आज दिनांक पर्यंत तक इस विषय पर किसी भी प्रकार की कोई जांच अथवा कार्रवाई नहीं की गई,हाल ही में दिनांक 5-10-2023 को सीजीपीयूआरसी द्वारा किए गए निरीक्षण में निरीक्षण समिति के प्रतिवेदन में विभिन्न बिंदुओं में विश्वविद्यालय की कमियों को दर्शाया गया था। जो की अवैधानिक एवं नियम विरुद्ध है, जिस पर भी जांच कर कार्रवाई की मांग किया गया था। परंतु इस विषय पर भी सीजीपीयूआरसी द्वारा कोई जांच नहीं किया गया,न ही विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा किसी भी प्रकार की कोई कमियों को दूर किया गया। सीजीपीयूआरसी द्वारा प्रमाणित कमियों को बिना दूर किए सीजीपीयूआरसी द्वारा पुनः मान्यता एवं संबद्धता प्रदान किया गया,जिससे महर्षि यूनिवर्सिटी आज भी धड़ल्ले से शिक्षा का व्यापार कर रही है।रंजीत सिंह ने सीजीपीयूआरसी के निरीक्षण समिति से कहा कि आज जो जांच प्रतिवेदन सीजीपीयूआरसी द्वारा बनाया जाएगा उसमें यूनिवर्सिटी में व्याप्त समस्त फर्जीवाड़ा एवं अनियमितताओं को दर्शाकर उस पर छात्रहित में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए महर्षि यूनिवर्सिटी को तत्काल प्रभाव से ब्लैक लिस्टेड कर महर्षि यूनिवर्सिटी को बंद किया जाए।
जिस पर सीजीपीयूआरसी के अधिकारियों ने रंजीत सिंह के शिकायतों एवं सवालों को ध्यान में रखकर जांच प्रतिवेदन बनाने एवं आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया ।रंजीत सिंह ने इसके पश्चात कहा कि यदि इस बार भी पिछली बार की भांति कोई कार्रवाई नहीं किया जाता तो एक सप्ताह के भीतर प्रेस कान्फ्रेस किया जायेगा जिसमें इस महर्षि यूनिवर्सिटी प्रबंधन की बहुत बड़ी धांधली का खुलासा किया जायेगा साथ ही साथ महर्षि यूनिवर्सिटी के समस्त फर्जीवाड़ा एवं अनियमितताओं संबंधित समस्त दस्तावेजों के साथ ही इस महर्षि यूनिवर्सिटी प्रबंधन के खिलाफ छात्रहित में छात्रों को न्याय दिलाने एवं ऐसे भ्रष्ट विश्वविद्यालय को बंद कराने हेतु न्यायालय में याचिका दायर कर विश्वविद्यालय के भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के साथ विश्वविद्यालय के छात्रविरोधी गतिविधियों को ऊजागार किया जायेगा।
महर्षि यूनिवर्सिटी के आंदोलन में आज मुख्य रूप से प्रदेश सचिव लोकेश नायक,नीलम सोनी,जिला महासचिव शुभम जायसवाल,जिला उपाध्यक्ष सुमित शुक्ला,विपिन साहू,जिला महासचिव प्रवीण साहू,जिला महासचिव शिवांश पाठक,जिला सचिव उमेश चंद्रवंशी,चंद्रप्रकाश साहू,अथर्व सिंह,विकास पटेल,तरुण यादव,राज पटेल,पुष्पराज यादव,पंकज निर्मलकर,दया नायक,योगेश साहू,दीपक नायक,मुकेश साहू,सागर नायक,कुलदीप पांडे, जाफर मेमन,गोलू राव,देव द्विवेदी,राहुल यादव,विपिन तिग्गा,ईश्वर पटेल,अर्पित लकड़ा आदि भारी संख्या में एनएसयूआई के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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