
बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 17 स्थित अमलतास कॉलोनी में सड़क निर्माण कार्य के दौरान वर्षों पुराने हरे-भरे पेड़ों को जेसीबी से उखाड़े जाने का मामला सामने आया है। ये वही पेड़ बताए जा रहे हैं जिन्हें “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत स्थानीय लोगों ने बड़े स्नेह से लगाया और वर्षों तक उनकी देखभाल की थी। अब इन पेड़ों को इस तरह हटाए जाने से लोगों में भारी नाराजगी है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये पेड़ न सिर्फ हरियाली बढ़ा रहे थे बल्कि राहगीरों को छांव और शुद्ध वातावरण भी दे रहे थे। लेकिन सड़क निर्माण के नाम पर बिना किसी पूर्व सूचना या वैकल्पिक योजना के इन्हें उखाड़ देना पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना कदम है। लोगों का आरोप है कि निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण की अनदेखी करते हुए मनमानी कार्रवाई की है।घटना के बाद कॉलोनी वासियों में आक्रोश साफ नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क बनाना जरूरी था, तो पेड़ों को बचाने के विकल्प तलाशे जा सकते थे या उन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित किया जा सकता था। “एक पेड़ मां के नाम” जैसे संवेदनशील अभियान को इस तरह ठेंगा दिखाना प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़े करता है।नाराज नागरिकों ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर कार्यालय और सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर ठोस कदम उठाएगा या फिर पर्यावरण संरक्षण के दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे।




