एयर स्ट्राइक जैसे हालात से निपटने की तैयारी जिला अस्पताल और सिम्स में मॉक ड्रिल, हड़कंप के बाद राहत

केंद्र सरकार के निर्देश पर एयर स्ट्राइक जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए देशभर में मॉक ड्रिल की जा रही है। बिलासपुर के जिला अस्पताल और सिम्स में भी बुधवार को ऐसी ही एक मॉक ड्रिल हुई, जिसने कुछ देर के लिए हड़कंप जरूर मचाया, लेकिन बाद में लोगों ने राहत की सांस ली। बुधवार सुबह जिला अस्पताल और सिम्स हॉस्पिटल के प्रवेश द्वार पर अचानक तेज रफ्तार से एंबुलेंसों का आना-जाना शुरू हुआ। घायलों और मृत अवस्था में मरीजों को बाहर निकलते देख लोग सहम गए। परिजन, मरीज और स्टाफ इस अचानक बने दृश्य से अचंभे में पड़ गए।कुछ ही देर में पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। एंबुलेंस से उतरते खून से लथपथ मरीजों को देखकर लोग घबरा गए। हालांकि बाद में जानकारी मिली कि यह सब एक मॉक ड्रिल का हिस्सा था, जिसे आपात स्थिति से निपटने की तैयारी के तहत किया गया था।मॉक ड्रिल के तहत जैसे ही घायल मरीजों को लाया गया, उन्हें तत्काल स्ट्रेचर पर स्टेबलाइज़ किया गया। ऑक्सीजन मास्क लगाया गया और फिर ट्रॉमा वार्ड में शिफ्ट किया गया।

यह पूरी प्रक्रिया तेजी से और समन्वय के साथ की गई।सर्जरी, मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों को तुरंत बुलाया गया। मरीज को ट्रॉमा बेड पर शिफ्ट कर पहले उसके वाइटल साइन जैसे ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन लेवल और चेतना की स्थिति का परीक्षण किया गया।इसके बाद आईवी लाइन के माध्यम से जरूरी जीवन रक्षक दवाएं दी गईं। पूरे इलाज की प्रक्रिया को इस तरह अंजाम दिया गया, मानो यह कोई असली आपात स्थिति हो। हर कदम पर डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ की तत्परता नजर आई। इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य यही था कि अगर भविष्य में कभी एयर स्ट्राइक जैसी स्थिति बनती है, तो जिला प्रशासन, अस्पताल और मेडिकल स्टाफ किस हद तक तैयार है, इसका मूल्यांकन किया जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान देखा गया कि कैसे एक टीम के रूप में डॉक्टर, नर्स, वार्ड बॉय और प्रशासनिक अधिकारी मिलकर घायल को जीवनदान देने की प्रक्रिया को अंजाम दे रहे थे। ये ड्रिल भविष्य की किसी भी आपदा के लिए तैयारी का आइना थी।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
21,600SubscribersSubscribe
spot_img

Latest Articles