एसपी रजनेश सिंह ने नए कानून के तहत एफआईआर हुए मामलों की थानों में डायरी का उच्चाधिकारियों द्वारा अवलोकन कर बारीकी से जांच करने के दिए दिशा निर्देश।

जुलाई से नए आपराधिक क़ानून के तहत थानो में मामले दर्ज किए जा रहे है. FIR करने के बाद प्रकरण कि डायरी का अवलोकन उच्च अधिकारियो से कराया जा रहा है. ताकि दर्ज मामलो की जाँच अच्छी तरह से हो सके।

नए क़ानून के तहत दर्ज, आपराधिक मामलों की जाँच बारीकी से की जा रही है. एसपी के निर्देश पर थानो के सीएसपी प्रकरण मे तैयार की जाने वाली डायरी की जाँच कर रहे है. दरअसल क़ानून मे कई बदलाव किए गए है. वही साक्ष्य संकलन मे जरुरी बाते और बरती जाने वाली सावधानियों पर ध्यान देने कहा गया है. सीएसपी रैंक के अधिकारी थानो मे दर्ज हो रहे प्रत्येक मामलों कि डायरी और चालान का अवलोकन कर दिशा निर्देश दे रहे है. भारतीय न्याय सहिंता, भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिंता और भारतीय सक्षय अधिनियम का पालन किया जा रहा है।

इससे पहले दर्ज मामलों मे पुलिस अपने विवेक से गवाह और सक्ष्य एकत्रित कर लेते थे. वही मामले मे वैज्ञानिक साक्ष्य कि कमी रहती थी. कोर्ट मे प्रक्रिया के दौरान गवाहो के पलट जाने से आरोपी बरी हो जाते है. नए क़ानून मे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य को ज्यादा महत्त्व दिया गया है।

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