*गुप्त नवरात्रि के पांचवें दिन बसंत पंचमी के पावन पर्व पर मां बगलामुखी देवी की उपासना आराधना सरस्वती देवी के रूप में की जाएगी।*

गुप्त नवरात्रि के पांचवें दिन बसंत पंचमी के पावन पर्व पर मां बगलामुखी देवी की उपासना आराधना सरस्वती देवी के रूप में की जाएगी।

श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मन्दिर सुभाष चौक सरकंडा में माघ गुप्त नवरात्र के पावन पर्व पर पंचमी तिथि को श्री ब्रह्मशक्ति बगलामुखी देवी के उपासना सरस्वती देवी के रूप में की जाएगी इस अवसर पर माता रानी का विशेष पूजन श्रृंगार विद्या की अधिष्ठात्री देवी देवी के रूप में की जाएगी पीतांबरा पीठाधीश्वर आचार्य डॉक्टर दिनेश जी महाराज ने बताया कि 10 फरवरी 2024 से 18 फरवरी 2024 तक नित्य प्रतिदिन श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव जी का रुद्राभिषेक, श्री महाकाली, महालक्ष्मी, महासरस्वती त्रिगुणात्मक शक्ति नवदुर्गा देवी जी का श्रीसूक्त पोडश मंत्र द्वारा दूधधारिया पूर्वक अभिषेक, पूजन, श्री ब्रम्हशक्ति बगलामुखी देवी जी का विशेष अभिषेक, पूजन, श्रृंगार एवं श्री मर्यादा पुरुषोतम श्रीराम जी का विशेष पूजन श्रृंगार – दस महाविद्या की साधना एवं पीताम्बरा यज्ञ किया जा रहा है।

माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी को देवी सरस्वती का अवतरण हुआ था।वसंत पंचमी के दिन कामदेव मदन का जन्म हुआ था। लोगों का दांपत्य जीवन सुखमय हो इसके लिए लोग रति मदन की पूजा और प्रार्थना करते हैं।

देवी सरस्वती का जन्म वसंत पंचमी को हुआ था, इसलिए उस दिन उनकी पूजा की जाती है, और इस दिन को लक्ष्मी जी का जन्मदिन भी माना जाता है; इसलिए इस तिथि को ‘श्री पंचमी’ भी कहा जाता है। इस दिन सुबह अभ्यंग स्नान किया जाता है और पूजा की जाती है। वसंत पंचमी पर, वाणी की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती की पूजा और प्रार्थना का बहुत महत्व है।

वाग्देवी सरस्वती ब्रह्मस्वरूप, कामधेनु और सभी देवताओं की प्रतिनिधि हैं। वह विद्या, बुद्धि और ज्ञान की देवी हैं। अमित तेजस्विनी और अनंत गुण शालिनी देवी सरस्वती की पूजा और आराधना के लिए माघ मास की पंचमी तिथि निर्धारित की गई है। इस दिन को देवी के रहस्योद्घाटन का दिन माना जाता है।देवी सरस्वती पृथ्वी पर अवतरित हुईं।जब ब्रह्मांड के निर्माता ब्रह्माजी ने जीवों और मनुष्यों की रचना की और जब उन्होंने सृजित सृष्टि को देखा, तो उन्होंने महसूस किया कि यह निस्तेज है । वातावरण बहुत शांत था तथा उसमें कोई आवाज या वाणी नहीं थी। उस समय, भगवान विष्णु के आदेश पर, ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से पृथ्वी पर जल छिड़का। धरती पर गिरे जल ने पृथ्वी को कम्पित कर दिया तथा एक चतुर्भुज सुंदर स्त्री एक अद्भुत शक्ति के रूप में प्रकट हुई। उस देवी के एक हाथ में वीणा दूसरे हाथ में मुद्रा तथा अन्य दो हाथों में पुस्तक व माला थी। भगवान ने महिला से वीणा बजाने का आग्रह किया। वीणा की धुन के कारण पृथ्वी पर रहने वाले सभी जीवों, मनुष्यों को वाणी प्राप्त हुई। उस क्षण के बाद, देवी को सरस्वती कहा गया। देवी सरस्वती ने वाणी सहित सभी आत्माओं को ज्ञान और बुद्धि प्रदान की।

देवी के वागेश्वरी, भगवती, शारदा, वीणा वादिनी और वाग्देवी जैसे अनेक नाम हैं। संगीत की उत्पत्ति के कारण, उन्हें संगीत की देवी के रूप में भी पूजा जाता है। वसंत पंचमी के दिन ज्ञान और बुद्धि देने वाली देवी सरस्वती की पूजा की जाती है।

बसंतऋतु की सम्पूर्ण अवधि अति शुभफलदाई है किन्तु पंचमी तिथि ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का प्राकट्यपर्व है इसलिए यह दिन और भी शुभफल दायक हो जाता है। इस ऋतु को मधुमास भी कहा जाता है क्योंकि इस दिन के बाद न तो अधिक सर्दी पड़ती है और न ही अधिक गर्मी। इस मौसम में संसार के लगभग सभी वृक्ष पुरानी पत्तियों को त्यागकर नई पत्तियों और पुष्प को जन्म देते हैं। फलों में श्रेष्ठ आम में पुष्प (बौर) भी इसी अवधि से दिखाई के देते हैं। चारों ओर हरियाली और पुष्प ही पुष्प ही नज़र आते है। मधुमक्खियों और भौरों का झुण्ड पुष्प लताओं पर मंडराता नजर आता है। वातावरण में भीनी-भीनी सुगंध की मस्ती छा जाती है। मौसम में भारी परिवर्तन दिखाई देता है। सृष्टि में जड़ता तोड़कर चेतनता प्रदान करने वाली मां सरस्वती का इस दिन जो कोई भी पूजन करता है, वह विद्या और ज्ञान दोनों प्राप्त करता है। चारों ओर उसका आदर-सत्कार होता है।

वसंत पंचमी का दिन सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए बहुत ही शुभ माना गया है।बसंत पंचमी के दिन किसी भी कार्य को करने के लिए पंचांग या मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि शास्त्रों में इसे स्वयं सिद्ध मुहूर्त कहा जाता है। पुराणों में भी वसंत पंचमी को मुख्य रूप से नई शिक्षा और गृह प्रवेश के लिए बहुत ही शुभ माना गया है।

पं. मधुसूदन पाण्डेय
“श्री पीताम्बरा पीठ”, त्रिदेव मंदिर सुभाष चौक, सरकण्डा, बिलासपुर

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
3,912FollowersFollow
21,600SubscribersSubscribe
spot_img

Latest Articles