
बिलासपुर शहर इन दिनों अपराध की गिरफ्त में नजर आ रहा है। लगातार हो रही चोरी, स्नेचिंग, नकबजनी, मारपीट और चाकूबाजी की घटनाएं आम होती जा रही हैं। हर दिन किसी न किसी इलाके से आपराधिक वारदात की खबर सामने आ रही है, जिसने शहरवासियों की नींद उड़ा दी है।ताजा मामले में तोरवा क्षेत्र में एक युवक को सरेराह चाकू मार दिया गया। इससे पहले भी कई बार बाजार, मोहल्लों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में झपटमारी और मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे दिनदहाड़े वारदात को अंजाम देने से भी नहीं डर रहे।इन घटनाओं के बीच पुलिस की निष्क्रियता और ढिलाई पर भी सवाल उठने लगे हैं। पीड़ितों को थानों में सुनवाई नहीं मिलती या फिर मामले को गंभीरता से नहीं लिया जाता। इससे आम जनता में यह धारणा बनती जा रही है कि पुलिस सिर्फ दिखावे की कार्रवाई कर रही है, जबकि अपराधियों को कोई डर नहीं है।स्थिति यह हो गई है कि लोगों का भरोसा अब कानून व्यवस्था पर से डगमगाने लगा है। आमजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और हर दिन आशंका के साए में जीने को मजबूर हैं। ऐसे में जरूरी है कि पुलिस न केवल सजगता और संवेदनशीलता दिखाए, बल्कि अपराधियों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए लोगों को विश्वास में ले, ताकि बिलासपुर को फिर से एक सुरक्षित शहर बनाया जा सके।




