
बिलासपुर रेलवे स्टेशन की लापरवाही और अव्यवस्था का एक शर्मनाक चेहरा एक बार फिर सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि यात्री छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ प्लेटफॉर्म नंबर 2 से ट्रैक पार कर प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर खड़ी टाटा-बिलासपुर पैसेंजर में चढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि इसी दौरान एक मालगाड़ी भी उसी ट्रैक पर गुजर रही थी, और कुछ सेकंड की देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।हालांकि स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज की व्यवस्था है, लेकिन जल्दबाजी और समय बचाने की सोच में यात्री जान जोखिम में डालते हुए सीधे ट्रैक पार करना ज्यादा आसान समझते हैं। यह नजारा स्टेशन पर आम हो चला है और इसे देखने के बाद साफ होता है कि सुरक्षा के नाम पर रेलवे की व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं।

प्लेटफॉर्म जोड़ने के लिए बनाए गए एफओबी का सही उपयोग न होना यात्रियों की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी, दोनों को उजागर करता है।इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा सवाल रेलवे सुरक्षा बल और टीटीई स्टाफ की भूमिका पर उठ रहे हैं। आरोप है कि जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर लगती है, ये अधिकारी जनरल कोच की ओर वसूली अभियान में जुट जाते हैं और यात्रियों की सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं।

जिनका काम यातायात व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना है, वही लापरवाही का सबसे बड़ा कारण बन रहे हैं।रेल प्रशासन की यह चुप्पी और निष्क्रियता आने वाले समय में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फुटओवर ब्रिज होते हुए भी ट्रैक पार करने की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि सुरक्षा को लेकर न यात्री गंभीर हैं और न ही रेलवे प्रशासन।




