
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह के नेतृत्व में सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी व महर्षि शिक्षा संस्थान, मंगला के कथित नियमविरुद्ध संचालन, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विश्वविद्यालय प्रबंधन व कुलसचिव डॉ. विजय गारुडिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।रंजीत सिंह ने आरोप लगाया कि विभिन्न जांच समितियों की रिपोर्ट में संस्थान द्वारा नियमों के विरुद्ध डीएलएड पाठ्यक्रम संचालित करने, एक ही भवन और भूमि पर दो संस्थानों के नाम से पाठ्यक्रम चलाने तथा प्रशासन को भ्रामक जानकारी देने जैसे मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने भी विश्वविद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है और यूजीसी द्वारा इसे डिफॉल्टर घोषित किया जा चुका है।एनएसयूआई ने छात्रों की छात्रवृत्ति तीन वर्षों से लंबित होने, डीएलएड पाठ्यक्रम बंद करने के आदेश और इंटर्नशिप पर रोक का भी मुद्दा उठाया। संगठन ने 10 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी। कलेक्टर ने मामले में उच्च शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।




