मुख्यमंत्री निवास में जन्माष्टमी का भव्य उत्सव,बाल गोपालों की अठखेलियों से गूंजा रायपुर…

रायपुर:- राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास में जन्माष्टमी का पर्व इस बार बेहद खास रहा।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नन्हें-मुन्ने बाल गोपालों के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास और भक्ति भाव से मनाया। पूरा निवास परिसर फूलों की सजावट, रंग-बिरंगी रोशनियों और भजन-संकीर्तन से गूंज उठा।बच्चों की राधा-कृष्ण वेशभूषा और अठखेलियों ने ऐसा दिव्य वातावरण बना दिया मानो स्वयं वृंदावन की झलक रायपुर में उतर आई हो।मुख्यमंत्री निवास में प्रवेश करते ही श्रद्धा और भक्ति का अनोखा संगम दिखाई दे रहा था। दीवारों पर रंगीन झालरें, चारों ओर फूलों की सजावट और बीच में सजी कृष्ण जन्म की सुंदर झांकी हर किसी को अपनी ओर खींच रही थी। आंगनबाड़ी के छोटे-छोटे बच्चों ने राधा और कृष्ण का रूप धरकर अपनी मासूम अदाओं और मनमोहक मुस्कान से वातावरण को पूरी तरह कृष्णमय बना दिया। उनके गीत और झांकियों ने सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।बाल गोपालों ने कृष्ण-लीला के कई प्रसंग प्रस्तुत किए। कहीं नन्हें कृष्ण माखन चुराते नजर आए तो कहीं गोकुल की गलियों की झलक दिखाई दी। राधा-कृष्ण की सजीव झांकियों ने ऐसा समां बांधा कि लोग तालियां बजाने से खुद को रोक नहीं पाए। इन मासूम बच्चों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने न केवल कार्यक्रम को जीवंत बना दिया बल्कि सभी को अपने बचपन के दिनों की याद भी दिला दी।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि, जनता की खुशहाली और निरंतर तरक्की के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण की लीला हमें धर्म, नीति और कर्तव्य पालन की प्रेरणा देती है। उनके जीवन से हमें सिख मिलती है कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और नीति का पालन करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की मेहनतकश जनता की आस्था और परिश्रम से प्रदेश नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है और आगे भी यह यात्रा जारी रहेगी।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया। वे खुद बच्चों के बीच बैठे और उन्हें स्नेहपूर्वक अपने हाथों से चॉकलेट, शिक्षण सामग्री और प्रसाद वितरित किया। बच्चों की मासूम मुस्कान ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हमारी परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम हैं। इनसे नई पीढ़ी को संस्कारों और मूल्यों से जोड़ने का अवसर मिलता है, जिससे समाज में सद्भाव और एकता की भावना मजबूत होती है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री राम सेवक पैकरा, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, मितुल कोठारी, सुनील पिल्ले समेत अनेक गणमान्यजन और मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की और कृष्ण जन्मोत्सव के इस आयोजन को अविस्मरणीय बताया।

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