
बिलासपुर :- प्रदेश के सह सोशल मीडिया प्रभारी शाहिद रज़ा ने रमज़ान के पाक महीने के सातवें रोज़े के अवसर पर सभी मुस्लिम भाइयों-बहनों को मुबारकबाद देते हुए इसे आत्मसंयम, इबादत और इंसानियत का महीना बताया। उन्होंने कहा कि रोज़ा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं, बल्कि अपने विचारों और कर्मों को भी पवित्र रखने का संदेश देता है।उन्होंने अपने संदेश में कहा कि इस मुकद्दस महीने में छोटे-बड़े, बुज़ुर्ग और बच्चे सभी इबादत में लीन होकर अपने रब को राज़ी करने की कोशिश करते हैं। सेहरी से लेकर इफ्तार तक का अनुशासन इंसान को सब्र, त्याग और करुणा का पाठ पढ़ाता है। उन्होंने सभी रोज़ेदारों के लिए दुआ करते हुए अमन और खुशहाली की कामना की।शाहिद रज़ा ने कहा कि रमज़ान समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे को मजबूत करने का भी अवसर होता है। इस दौरान जरूरतमंदों की मदद, सदक़ा और ज़कात के माध्यम से समाज में समानता और सहानुभूति का भाव बढ़ता है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान है।साथ ही उन्होंने रंगों के पर्व होली की शुभकामनाएँ देते हुए छत्तीसगढ़ के सभी नागरिकों के सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, मेल-मिलाप और पुराने गिले-शिकवे मिटाने का प्रतीक है, जो समाज में एकता का संदेश देता है।अपने संदेश के अंत में उन्होंने प्रदेशवासियों के उज्ज्वल भविष्य, खुशहाल जीवन और सामाजिक सौहार्द की कामना करते हुए कहा कि रमज़ान की रूहानियत और होली की खुशियाँ मिलकर समाज में शांति, प्रेम और आपसी सद्भाव को और मजबूत करें — यही सबसे बड़ी शुभकामना है।




