
नवरात्रि का पावन पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। शहर में कई देवी मंदिर हैं जिनकी अपनी-अपनी विशेषताएँ हैं। कुछ मंदिरों के बारे में तो सभी को जानकारी है, लेकिन कुछ अब भी ऐसे हैं जिनकी खासियत से लोग अनजान हैं। ऐसा ही एक मंदिर है 12 खोली में स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर, जो स्थानीय लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है। स्थानीय निवासियों ने जानकारी दी कि इस मंदिर की शुरुआत नवरात्रि में दुर्गा मां की स्थापना से हुई थी। यहां पर स्थापित की गई मूर्ति से सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होने लगा, जिसके बाद सभी ने स्थायी रूप से मंदिर निर्माण का निर्णय लिया। वर्ष 1995 में इस मंदिर की स्थापना की गई और तभी से यहां मां दुर्गा की नियमित पूजा-अर्चना होती आ रही है। निवासियों का कहना है कि मंदिर की स्थापना के बाद रेलवे क्षेत्र में होने वाले हादसों में उल्लेखनीय कमी आई है।

पहले के समय में इस क्षेत्र में अक्सर दुर्घटनाएँ होती थीं, लेकिन मां दुर्गा की स्थापना के बाद ऐसी घटनाएँ लगभग बंद हो गईं। इसे लोग देवी मां की विशेष कृपा मानते हैं। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि इस मंदिर से जुड़े कई भक्तों पर माता रानी की विशेष कृपा हुई है। कई ऐसे लोग हैं जिन्हें यहां नियमित पूजा करने के बाद रेलवे में नौकरी मिली है। यही कारण है कि रेलवे क्षेत्र के लोग इस मंदिर से गहरी आस्था और विश्वास के साथ जुड़े हुए हैं। बाराखोली क्षेत्र में स्थित यह सार्वजनिक दुर्गा मंदिर रेलवे क्षेत्र का इकलौता मंदिर है। यहां नवरात्रि के दिनों में विशेष पूजा-पाठ और भव्य आयोजन होते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। स्थानीय निवासियों और मंदिर पदाधिकारियों ने मांग की है कि रेलवे प्रशासन इस मंदिर की व्यवस्था को और बेहतर बनाने में सहयोग करे नवरात्रि के इस पावन अवसर पर बिलासपुरवासी भी बड़ी संख्या में 12 खोली जाकर सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के दर्शन कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां दर्शन करने से जीवन में शांति और समृद्धि प्राप्त होती है और मां दुर्गा की कृपा से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।




