
8 मार्च को जहां पूरे देश के साथ बिलासपुर में भी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कई स्थानों पर महिलाओं को सम्मानित किया गया और उनके लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए, वहीं दूसरी ओर लिंगियाडीह की महिलाएं अपने आशियाने को बचाने के लिए भीषण गर्मी में सड़क पर आंदोलन करती नजर आईं।दरअसल, पिछले 108 दिनों से लिंगियाडीह आंदोलन समिति के बैनर तले क्षेत्र की महिलाएं अपने घरों को बचाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रही हैं। हर दिन बड़ी संख्या में महिलाएं यहां पहुंचकर सरकार से उनके आशियाने को न उजाड़ने की गुहार लगा रही हैं। महिलाओं का कहना है कि वे वर्षों से यहां निवास कर रही हैं और अचानक उन्हें हटाने की आशंका से वे चिंतित हैं।महिला दिवस के मौके पर इन महिलाओं को उम्मीद थी कि कोई जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी उनके बीच पहुंचेगा और उनकी समस्या का समाधान निकालने की पहल करेगा, लेकिन पूरे दिन कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा। इससे आंदोलन में शामिल महिलाओं में निराशा देखने को मिली।हालांकि इन 108 दिनों के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों, विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों का समर्थन आंदोलन को मिलता रहा है। महिलाओं का कहना है कि जब तक उनके आशियाने को सुरक्षित रखने को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं क्षेत्रवासियों का भी मानना है कि सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए महिलाओं की चिंताओं को दूर करना चाहिए, ताकि वे अपने घरों को लेकर बेफिक्र हो सकें।




