*33वे वैश्विक गुप्त विज्ञान शिखर सम्मेलन 2023 और ज्योतिष महाकुंभ का सफल आयोजन, विशेष वक्ता के रूप में बिलासपुर से पहुंचे आचार्य डॉक्टर दिनेश जी महाराज ने सनातन, ज्योतिष शास्त्र एवं माँ पीताम्बरा बगलामुखी पर दिया व्याख्यान*

33वे वैश्विक गुप्त विज्ञान शिखर सम्मेलन 2023 और ज्योतिष महाकुंभ का सफल आयोजन, विशेष वक्ता के रूप में बिलासपुर से पहुंचे आचार्य डॉक्टर दिनेश जी महाराज ने सनातन, ज्योतिष शास्त्र एवं माँ पीताम्बरा बगलामुखी पर दिया व्याख्यान

अहमदाबाद के होटल प्रेसिडेंट में आयोजित 33 वें वैश्विक गुप्त विज्ञान शिखर सम्मेलन 2023, ज्योतिष महाकुंभ का शनिवार को औपचारिक समापन हो गया, जिसमें देशभर से ज्योतिष शास्त्री और संत महात्मा एवं धर्माचार्य शामिल हुए। 30 नवंबर से 2 दिसंबर तक आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में देशभर से विद्वान पहुंचे, जिनमे बिलासपुर सरकंडा सुभाष चौक स्थित श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर के पीठाधीश्वर आचार्य एवं डॉ दिनेश चंद्र जी महाराज भी सम्मिलित हुए।

प्रथम दिवस देश भर के जाने-माने विद्वानों के साथ उन्होंने भी सनातन धर्म पर आयोजित व्याख्यान माला में अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि 21वीं सदी सनातन धर्म की सदी है और एक बार फिर से देश ही नहीं विदेशों में भी सनातन की पुनर्स्थापना हो रही है। 1 जनवरी को ज्योतिष महाकुंभ में देश भर से पहुंचे ज्योतिष विद्वानों ने ज्योतिष शास्त्र की प्रमाणिकता, उसके इतिहास और वर्तमान, फलादेश की सटीकता के प्रामाणिक आधार आदि पर अपनी बात रखी। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध फिल्म अभिनेत्री और पूर्व सांसद जयाप्रदा भी शामिल हुई , जिन्होंने आचार्य डॉक्टर दिनेश चंद्र जी महाराज से प्रसाद स्वरूप श्री पीतांबरा हवनात्मक महायज्ञ का भस्म प्राप्त किया। साथ ही उन्होंने भविष्य में राजनीतिक सफलता के लिए भी उनसे आशीर्वाद मांगा। शनिवार को आचार्य दिनेश चंद्र जी महाराज ने मां भगवती पीतांबरा के संबंध में विस्तार से अपनी बातें सभासदों के सामने रखी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से मां भगवती बगलामुखी की आराधना से व्यक्ति के जीवन और घर में नकारात्मक ऊर्जा का दमन होता है। अदालती मामले, व्यापार व्यवसाय में, प्रतिस्पर्धा और सभी क्षेत्रों में सफलता मिलती है। महाशक्ति अपने भक्तों को सौभाग्य प्रदान करती है । इस मौके पर उन्होंने सभी को पीतांबरा हवनात्मक महायज्ञ का भस्म प्रसाद स्वरूप प्रदान किया। विगत दिनों बिलासपुर में हवनात्मक महायज्ञ संपन्न किया गया था, जिसका पवित्र अभिमंत्रित भस्म सभी को बीज मंत्र के उच्चारण के साथ प्रदान किया गया। बताया गया कि इस पवित्र भस्म का तिलक लगाने से वातावरण पवित्र और संतुलित होता है। घर के चौखट पर छिड़कने से या अग्नि कोण या रसोई में रखने से घर का वातावरण पवित्र और संतुलित होता है तथा घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है। वही सभी प्रतिस्पर्धा में सफलता मिलती है ,शत्रु से विजय प्राप्त होती है ।
बिलासपुर से इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में बतौर वीआईपी अतिथि के रूप में सम्मिलित होकर श्री पीतांबरा पीठ के पीठाधीश्वर डॉक्टर दिनेश जी महाराज ने तीन दिवसीय आयोजन में हर दिन अलग-अलग विषयो पर सारगर्भित बातें रखी। यह उनके साथ बिलासपुर के लिए भी बड़ी उपलब्धि है। इस सफल आयोजन में अपनी छाप छोड़ने के बाद रविवार देर रात डॉक्टर दिनेश चंद्र जी महाराज की बिलासपुर वापसी होगी। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय 33वें वैश्विक गुप्त विज्ञान शिखर सम्मेलन एवं ज्योतिष महाकुंभ में शामिल होकर वे नए अनुभव के साथ लौट रहे हैं। इस अवसर पर ज्योतिष, अंक शास्त्र, वास्तु शास्त्र, शिक्षा और अन्य क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए रेडियंस आईकॉनिक अवार्ड प्रदान किए गए। इस दौरान आचार्य श्री शुभेश शर्मन जी महाराज, राष्ट्रीय प्रमुख धर्म समाज अखिल भारतीय संत समिति आचार्य श्री अनिल वत्स जी आचार्य श्री अक्षय शर्मा जी मोगा पंजाब, आचार्य श्री संतोष भार्गव जी मीरल फाउंडेशन की अध्यक्ष कार्यक्रम अयोजिका श्री मीता जानी जी श्री हिना बेन ओझा मुंबई श्री लक्ष्मी चेलानी जी श्री प्रदीप पांडे जी पूर्व सांसद एवम प्रसिद्ध सिने अभिनेत्री श्री जया प्रदा उपस्थित रहे।

पं.मधुसूदन पाण्डेय
व्यवस्थापक
श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मन्दिर
सुभाष चौक सरकण्डा बिलासपुर छत्तीसगढ

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