Homeहमर बिलासपुर*ब्रह्माकुमारीज पाठशाला में अलौकिक होली व ध्वजारोहण सम्पन्न*

*ब्रह्माकुमारीज पाठशाला में अलौकिक होली व ध्वजारोहण सम्पन्न*

ब्रह्माकुमारीज पाठशाला में अलौकिक होली व ध्वजारोहण सम्पन्न

होली के रंग दिव्य गुणों के संग :- ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा

होली अपने आप में एक पवित्र त्यौहार है:-बी के शशिप्रभा

परमात्मा की याद से सर्व शक्तियां मिलती हैं :-बी के रूपा

कोटमीसुनार:- ब्रह्माकुमारीज पाठशाला में ब्रह्मकुमारीज़ के सदस्यों द्वारा शिव ध्वजारोहण एवं होली स्नेह मिलन का कार्यक्रम हुआ संपन्न इस अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ टिकरापारा बिलासपुर प्रभु दर्शन भवन से राजयोग शिक्षिका बी के रूपा ने सभी साधकों को बताया कि जीवन में सुख शांति प्राप्ति हेतु परमात्मा का ध्यान करना अति आवश्यक है,परमात्मा शिव भोले भंडारी है भोलेनाथ हैं उन्हें जब हम प्यार से याद करते हैं तो वह हमें सहज और स्वतःही प्राप्तियों से भरपूर कर देते हैं,हम जिन्हें भक्ति में शिवलिंग के रूप में पूजा करते हैं वास्तव में गीता में वर्णित है परमात्मा ज्योति बिंदु स्वरूप, ज्योतियों के ज्योति परमज्योति हैं तो जब हम उनके सत्य स्वरूप को जानकर उनसे अपनें मन से संबंध स्थापित कर परमात्मा को याद करते हैं तो उनकी सर्व शक्तियां हमें प्राप्त होती हैंl शिव ध्वज का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि परमात्मा की यह छत्रछाया है जो हम सभी पर सदैव बनी रहती हैl इस अवसर पर राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा ने होली का अर्थ बताते हुए कहा कि होली अपने आप में एक पवित्र त्यौहार है जो हम सभी को आध्यात्मिक अर्थ समझाता है परमात्मा कहते हैं होली अर्थात जो भी बात जीवन में बीत गई अगले ही क्षण जो भी बातें हुई उस पर पूर्णविराम लगाकर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए जो बात बीत गया उसे चिंतन में नहीं लाना चाहिए,दूसरा होली का अर्थ है की हो ली अर्थात हम परमात्मा के हो गए,जब हम संकल्पों के द्वारा भगवान के बन जाते हैं व भगवान के कार्य में सहयोगी बनते हैं तो हमारा भाग्य कई गुना ज्यादा बढ़ने लगता है तीसरा होली अर्थात पवित्र मन, वचन,कर्म से हम सदा ही सकारात्मक रहे, स्वच्छ रहें, सर्व मनुष्य आत्माओं को हम परमात्मा की संतान समझें और सभी से सद्भावना पूर्ण व्यवहार करेंl होली में हम देखते हैं रंग-बिरंगे गुलाल से लोग खेलते हैं और मिठाइयां भी खिलाते हैं वास्तव में मनुष्य आत्माओं को परमात्मा की संतान होने के नाते यह ज्ञान, गुण और शक्तियों के रंग से रंगने का प्रतीक है, हम दिव्य गुण और शक्तियों के रंगों से भरपूर आत्मा सितारे हैं जब हम आपस में मिलते हैं तो एक दूसरे का मुख मीठा कराते हैं यह मधुरता का प्रतीक है परमपिता परमात्मा हम सभी को ऐसे सद्भावना के स्नेहल सूत्र में बांधना चाहते हैंl
सभी ने अंत में वरदान और प्रसाद प्राप्त किया सभी ने मिलकर दीप प्रज्वलन व ध्वजारोहण कर खुशियां मनायाl इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों का अभिनंदन रेखा और शिवानी ने ये आंगन ये द्वारे ये सूरज सितारे कहता ये संसार है परमपिता के प्रिय जनों का स्वागत बारंबार है गीत पर नित्य कर किया एवं सुरेखा व शशि नें होली पर्व के गीत पर नित्य कर सभी को आनंद के भाव में ले गये l

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