हर क्लास में बच्चों को 50% आरक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद 25% में आरटीई और कोरोना में जिनके माता-पिता का देहांत हुआ है।
पहले ही दिन से सर्वर डाउन होने की वजह से आवेदन भरने के लिए एक फॉर्म भरने में 15 से 20 मिनट का वक्त लग रहा है।
जिले के सभी आत्मानंद इंग्लिश और हिंदी मीडियम स्कूलों में प्रवेश के लिए 10 अप्रैल से आवेदन चालू हो गए हैं। लेकिन पहले ही दिन से सर्वर डाउन होने की वजह से आवेदन भरने के लिए पालकों को बड़ी परेशानियां उठानी पड़ रही है। आवेदन भरने चॉइस सेंटर में पालकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। सर्वर डाउन होने की वजह से दोपहर तक पोर्टल ही नहीं खुला। दोपहर के बाद पोर्टल खुला और पलकों ने आवेदन भरा। लेकिन एक फॉर्म भरने में लगभग 20 मिनट का समय लग रहा है, जबकि एक फॉर्म भरने में 5 से 7 मिनट का समय लगता है। जिले में 34 आत्मानंद स्कूल है।


कक्षा पहली से लेकर 12वीं तक यानी एक क्लास में 50 छात्रों को एडमिशन दिया जाना है। हर क्लास में बच्चों को 50% आरक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद 25% में आरटीई और कोरोना में जिनके माता-पिता का देहांत हुआ है ऐसे बच्चों को एडमिशन देने के बाद सामान्य बच्चों को मौका मिलेगा। कोरोना काल वाले बच्चों को एडमिशन के साथ पलकों का मृत्यु प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य है। आत्मानंद में अध्ययन कर रहे पूर्व विद्यार्थियों को आवेदन भरने की आवश्यकता नहीं है उन्हें सीधे अगली कक्षा में प्रवेश मिल जाएगी।






