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सिलपहरी : झोलाछाप डॉक्टरों की दखल आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में बरकरार, स्वास्थ्य विभाग ने छापा मारकर कार्यवाही करते हुए क्लीनिक सील की।

नर्सिंग होम एक्ट के बावजूद भी ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों की मनमानी थम नहीं रही है। जी न्यूज टीम की टीम ने एक ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों की पहचान और पड़ताल की तो पाया कि यहां इलाज के साथ ही सर्जरी भी की जा रही है। इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग से की गई जिसका असर विभाग ने छापा मार कार्यवाही करते हुए क्लिनिक को सील कर दिया है।

झोलाछाप डॉक्टरों की दखल आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में बरकरार है, जो बिना डिग्री प्रैक्टिस के ही खुलेआम धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं ।ऐसा ही मामला शहर से 5 किलोमीटर की दूरी पर धूमा मार्ग के पास स्थित सिलपहरी गांव में फर्जी डॉक्टर लोगों का इलाज कर रहे हैं। आप खुद देखिए यह फर्जी डॉक्टर है इसके पास ना तो डिग्री है और ना ही निगम से इन्होंने गुमास्ता लाइसेंस लिया है। मजे की बात है कि शहर से लगे क्षेत्र में यह पिछले 10 वर्षों से ग्रामीणों का इलाज कर रहा है। साथ ही यह छोटी-मोटी सर्जरी भी करता है, कुछ दिन पहले जी न्यूज़ की टीम ने डॉक्टर के फर्जीवाड़ा पर खबर प्रसारित किया था। खबर को संज्ञान में लेते हुए और शिक़ायत पर स्वास्थ्य विभाग ने छापा मार कार्यवाही की और क्लिनिक को सील कर दिया है। इस दौरान बड़ी मात्रा में दवाओं को भी जब्त किया गया। स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा क्लीनिक को सील करने के बाद झोलाछाप डॉ पर आगे की कार्यवाही की जाएगी।

बिना डिग्री के नर्सिंग एक्ट का मखौल उड़ाते ऐसे झोला छाप डॉक्टर आज ग्रामीणो के लिए खतरा बने हुए हुए हैं। जब यहां छापामार कार्रवाई की गई तो छोटे से कमरे से बड़ी मात्रा में दवाई मिली है। जिसे देखकर स्वास्थ्य विभाग का सिर चकरा गया, कि कैसे पिछले 10 वर्षों से ग्रामीणों का इलाज कर रहा है। जबकि यह सर्जरी भी करता है जब उनसे पूछा गया कि उसने कहां तक पढ़ाई की है तो झिझकते हुए बताया कि वह बीए स्नातक किया हुआ है यह सुनकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के होश उड़ गए।

जब अधिकारियों से पूछा गया कि पिछले 10 वर्षों से फर्जीवाड़ा चल रहा हैं वह लोगों का इलाज कर रहा है, अब तब स्वास्थ्य अमला ने इस पर कार्यवाही क्यों नहीं की, स्वास्थ्य अधिकारी को जवाब देते नहीं बना औऱ कहा शिकायत पर कार्यवाही की जाएगी। प्रश्न उठता है कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे झोलाछाप डॉक्टर लोगों के जान के साथ खिलवाड़ कर रहे है, स्वास्थ्य विभाग को लगातार ऐसे गांव में छोला छाप डॉक्टरों की मॉनीटरिंग कर कार्यवाही की जरूरत है।

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