रेलवे जोन ऑफिस में किराए पर कार लगाने का झांसा देकर ट्रैवल एजेंट के द्वारा जालसाजी करने का मामला थाना सिविल लाइन पहुंचा है। पीड़ित पक्ष ने शिकायत करते हुए बताया कि घटना तो महीनों पुरानी है, वे लोग डेढ़ महीने से थाने के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अब तक उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई है।

थाने सिविल लाइन में मीडिया को जानकारी देते हुए रायपुर के रहने वाले फरेंद्र जाधव ने बताया कि उनकी जान पहचान कुछ महीने पहले देवरी खुर्द निवासी ट्रैवल एजेंट कृष्ण यादव से हुई थी कृष्ण यादव ने फरेंद्र जाधव को उसके पास रखें चार पहिया वाहन अर्टिगा कार को रेलवे जोन ऑफिस में लगाने की बात कहते हुए 25 हजार रुपये की मासिक किराए पर उनसे 11 महीने का एग्रीमेंट करवा लिया। वर्तमान के समय में लगभग 6 से 7 महीने हो गए हैं लेकिन कार मलिक को कार एजेंट के द्वारा एक महीने का भी किराया का राशि नहीं दिया गया है। जब भी कार मालिक द्वारा किराए के संबंध में ट्रेवल एजेंट से बात किया जाता हर बार ट्रेवल एजेंट कृष्णा यादव कार मालिक को आश्वासन देकर टरका देता। कार मलिक से बीते 30 मार्च तक ट्रैवल एजेंट कृष्ण यादव की आखिरी बार बात हुई है। उसके बाद से ना तो ट्रैवल एजेंट कृष्ण का कुछ पता चल रहा है और ना ही कार मलिक के द्वारा दिए गए उसके चार पहिया वाहन का। हालांकि अपने कार को खोजते खोजते जब कार मलिक कृष्ण यादव के घर पहुंचा तो उसे पता चला कि कृष्ण यादव फरार है और उसके गाड़ी को कृष्ण ने किसी के पास 3 लाख रुपये में गिरवी रख दिया है।



बहरहाल जब थाने में पीड़ित कार मलिक की सुनवाई नहीं हुई तो उसने मीडिया का सहारा लिया और अपनी व्यथा मीडिया के समक्ष रखी।इसी तरह उसने बताया कि वह लगभग डेढ़ महीने से थाना सिविल लाइन के चक्कर काट रहा है। लेकिन पुलिस है जो अब तक ना ही ट्रैवल एजेंट का पता लगा सकी है और ना ही उनके कार को ढूंढ सकी है। इससे वह बहुत ज्यादा परेशान है। फिलहाल पीड़ित कार मलिक ने हाथ जोड़कर पुलिस से विनती किया है कि वे लोग उसके गाड़ी को उसे वापस दिलवा दे। वे किसी तरह का कोई कार्यवाही नही चाहते। क्योंकि उनका गाड़ी तो उनके पास नहीं है लेकिन वे लोग हर महीने अपने गाड़ी की ईएमआई कंपनी को दे रहे हैं।





