इन दिनों बारह खोली चौक स्टेशन रोड बंगला यार्ड में श्री श्री सोलापुरी माता पूजा सेवा समिति द्वारा श्री सोलापुरी पूजा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन के चौथे दिन सोमवार को यहां भक्तों ने मां नागम्मा के दर्शन किये।


आयोजन समिति के अध्यक्ष वी रामाराव ने बताया कि दक्षिण भारत में नाग देवी को मनसा देवी के रूप में पूजा जाता है। सोमवार को यहां पुजारी पार्थ सारथी ने पंचमुखी नागमाता स्वरूप की स्थापना की। मां मनसा देवी को नागमाता और विष की देवी के नाम से भी जाना जाता है। उनके चारों ओर मौजूद सर्प और नाग सदैव उनकी रक्षा करते हैं।


ऐसा माना जाता है की मां मनसा देवी की कृपा जिस भी व्यक्ति पर होती है उसे कभी भी नाग दंश का सामना नहीं करना पड़ता। अगर किसी जातक को सर्प दोष है तो वह भी मां मनसा देवी की पूजा अर्चना से समाप्त हो जाता है।पुजारी पार्थ सारथी और उनके सहयोगियों ने इसी दिव्य माता के स्वरूप की रचना की। गीली हल्दी से बने हुए इस अद्भुत रूप को देखकर भक्त धन्य हो गए। जैसे ही मंच का पट खुला, पंडाल में लोबान का धुआं नजर आया और जैसे ही यह धुआं छटा भक्तों ने नाग देवी के दिव्य दर्शन किये। वैदिक मंत्रोच्चार के बाद डफली की स्वर लहरी के साथ देवी की आरती की गई। आरती की थाल एक-एक भक्तों तक पहुंची और सब ने माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।

यहां देवी को खीर का प्रसाद अर्पित किया गया। यही खीर सभी श्रद्धालुओं में भोग प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। सोमवार को यहां पहुंचे विशिष्ट अतिथियों ने देवी की पूजा अर्चना की और समिति के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया।



