भीषण गर्मी को ध्यान रखते हुए विगत 22 अप्रैल से सभी स्कूल बंद कर दिए गए है। इसके साथ ही निजी स्कूलों ने हाई और हायर सेकेण्डरी कक्षाओं का कोर्स पूरा करने के लिए ऑनलाइन क्लास शुरू कर दिया है। इसलिए बच्चों को कोरोना काल की तरह ऑनलाइन क्लास अटेंड करना पड़ रहा है।

निजी स्कूलों में तीस अप्रैल तक स्कूल लगना था। समय से पहले स्कूलों के बंद होने से प्राइवेट स्कूलों पर हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलों का कोर्स पूरा करने का दबाव है। इसको ध्यान रखते हुए शहर के कुछ निजी स्कूलों ने ऑनलाइन क्लास शुरू कर दिया है। इसलिए हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूल के बच्चों को कोरोना काल की तरह ऑनलाइन क्लास अटेंड करनी पड़ रही है। बच्चे लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से करीब चार घण्टे की ऑनलाइन क्लास अटेंड कर रहे है।



लोकसभा चुनाव को ध्यान रखते हुए शासकीय स्कूलों में करीब एक माह पहले मार्च माह में वार्षिक परीक्षा आयोजित की गई। इसके बाद सरकारी स्कूलों में बच्चों की छुट्टी शुरू हो गई है। इसमें सिर्फ आत्मानंद स्कूलों ने नतीजे जारी कर अगले क्लास की पढ़ाई शुरू कराई है। वहीं निजी स्कूलों में एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। स्कूल शुरू होने के साथ ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। इसलिए पहले स्कूल का समय सुबह 11 बजे तक किया गया। इसके बाद भी गर्मी का प्रकोप कम नहीं होने पर राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर 22 अप्रैल से सभी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया। अब स्कूल सीधे सोलह जून से खुलेंगे।



