हाइवे पर कई ऐसे बाइक चालक है जो बिना हेलमेट लगाए सफर करते है, उनकी हादसे के दौरान सिर पर चोट लग जाने से जान चली जाती है। हो रहे हादसों को रोकने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने हेलमेट बैंक की शुरुआत की है। अगर आप बाइक से निकले हैं और आपके पास हेलमेट नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपकी समस्या के समाधान के लिए अब हेलमेट बैंक खुल गया है। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने हादसों में कमी लाने और लोगो को जागरूक करने हेलमेट बैंक की शुरुआत चकरभाठा थाने से की है।


लोगो को जागरूक करने यातायात एडिशनल एसपी नीरज चंद्राकर, एएसपी उमेश कश्यप, एएसपी साइबर एडिशनल एसपी अनूप कुमार, चकरभाठा सीएसपी निमितेश सिंह, चकरभाठा थाना प्रभारी दामोदर मिश्रा सहित थाना स्टाफ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कोई भी दोपहिया वाहन चालक पहचान पत्र दिखाकर, मोबाइल नंबर और वाहन नंबर लिखवाकर बिना कोई शुल्क दिए आइएसआई मार्क एवं ब्रांडेड हेलमेट ले जा सकता है और 24 घंटे के अंदर हेलमेट वापस कर सकता है। इसके साथ ही साथ अब निजी संगठन के लोगों के द्वारा भी पुलिस के साथ कदम से कदम मिलाते हुए हेलमेट बैंक के जरिये राहगीरों को जागरूक किया जा रहा है। यही वजह रही कि रिंग रोड से महाराणा प्रताप तक हेलमेट जागरूकता रैली निकालकर लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही राहगीरों को निःशुल्क हेलमेट वितरण किया गया।

फिलहाल हेलमेट बैंक बनाने का मकसद दोपहिया वाहन चालकों को सुरक्षित करना है। हम आपको बता दे कि हेलमेट बैंक के खुल जाने से ऐसे लोगों को जिनके पास हेलमेट नहीं है उन्हे दोपहिया वाहन चालन के समय हादसे में अपनी जान नहीं गवानी पड़ेगी।चकरभाठा से शुरू हुए इस अभिनव पहल के दौरान पुलिस अधीक्षक ने लगभग एक दर्जन दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनाकर रवाना किया। इसके साथ ही हाईवे में पड़ने वाले थाने सकरी, कोनी और सरकंडा में भी हेलमेट बैंक की शुरुआत कर दी गई है।






