बुद्ध पूर्णिमा शहर में धूमधाम से मनाया गया, आनंद बुद्ध विहार, पंचशील नगर, तिफरा स्थल में आयोजित कार्यक्रम में शाम 4:00 बजे से धम्म मैत्री रैली निकाली गई, बौद्ध उपासक, उपासिकाओ ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और भगवान बुध्द के बताए संदेश का पालन किया गया। धम्म मैत्री रैली आनंद बुद्ध विहार से प्रारंभ होकर तिफरा में समाप्त हुआ. यहाँ डॉ. आंबेडकर प्रतिमा स्थल में सभी ने पंचशील वंदना ग्रहण किया। डॉ. रोहित डहरिया द्रारा बुद्ध भीम गीतों का जलसा का कार्यक्रम का आयोजन हुआ। त्रिगुण वैशाख बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव बुद्धयान सोसायटी बौद्ध समाज के द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते धम्मचारी संतोष बौद्ध ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा को त्रिविधपावनी बुद्ध पूर्णिमा कहते हैं क्योंकि पूर्णिमा को ही तथागत बुद्ध की सिद्धार्थ गौतम के रूप में लुंबिनी में जन्म हुआ था और पूर्णिमा को बोध गया में बुद्धत्व का ज्ञान मिला था।

जिससे बुद्ध बने थे और पूर्णिमा के दिन ही सारनाथ में प्रथम धम्म उपदेश देकर बुद्ध धम्म की शुरुआत किया था। और पूर्णिमा के दिन ही तथागत बुद्ध का कुशीनगर में महापरिनिर्वाण हुआ था इस प्रकार से पूर्णिमा को ही भगवान बुद्ध का जन्म दिवस, ज्ञान दिवस महापरिनिर्वाण दिवस है इसलिए इसे बुद्ध पूर्णिमा कहते हैं इसलिए ही तीनों कारण से ही बुद्ध पूर्णिमा बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है और पूरी दुनिया में बुद्ध पूर्णिमा को बौद्ध महोत्सव के रूप में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समाज के प्रबुद्ध नागरिक गण सहित समाज के सभी लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन मनोज बौद्ध द्वारा किया गया।



