लाख कोशिशों के बावजूद सिम्स की व्यवस्था सुधरने का नाम नही ले रही है। शासन प्रशासन की ओर से लाख ताकत झोंक देने के बावजूद सिम्स की बदहाली दूर नही हो रही है। खासकर छुट्टी के दिन सिम्स की व्यवस्था भगवान भरोसे चलती है। मरीजो का क्या हालचाल है, कैसा किसका इलाज चल रहा है, कौन मर रहा है कौन जी रहा है इसकी खोज खबर लेने वाला तक कोई जिम्मेदार सिम्स में नजर नही आता। यही वजह है कि सिम्स के प्रशिक्षु डॉक्टर और नर्स मनमाना तरीके से कामकाज करते नजर आते है। वर्तमान में नवतपा की वजह से भीषण गर्मी में लोगों का हाल बेहाल है। भीषण गर्मी के बावजूद सिम्स के कई वार्डों में मरीज कूलर और पंखे को तरस रहे है।

रविवार को देखा गया कि सिम्स के अधिकांश वार्डों में गर्मी से हलाकान मरीजों के परिजन घर से कूलर और पंखे के सहारे सिम्स में अपना इलाज कराते नजर आए।इसी तरह सिम्स में इलाज के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गयी, जिनके परिजनों को शव मिलने में ही 4 से 5 घण्टे लग गए। दरअसल रविवार का दिन होने के चलते सिम्स में सीमित कर्मचारी पहुंचे थे। इसलिए जिस वार्ड में मरीज की मौत हुई, वे मृत अवस्था मे बाकी मरीजों के बीच लगभग 4 घण्टो तक पड़ा रहा। जिस पर विधिवत कार्यवाही करना छोड़कर चिकित्सक और वार्ड बॉय मृतक के परिजनों को अन्य कामकाज का हवाला देकर लेटलतीफी करते नजर आए।



