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कृषि उत्पादन आयुक्त एवं कृषि सचिव शहला निगार ने कृषि से संबंद्ध उद्यानिकी, मछलीपालन एवं डेयरी फार्म विषय पर की खास बैठक।

कृषि उत्पादन आयुक्त एवं कृषि सचिव शहला निगार ने कृषि से संबंद्ध उद्यानिकी, मछलीपालन एवं डेयरी फार्म के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने में ढिलाई बरतने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने लंबित सभी मामलों को तत्परता से स्वीकृति देकर लोन डिस्बर्स करने के निर्देश सहकारी बैंक प्रबंधन को दिए हैं। बुधवार को कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2024 की कार्ययोजना एवं रबी 2023-24 की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में कृषि से जुड़े राज्य स्तरीय विभाग प्रमुखों के साथ ही बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग के संभागायुक्त, कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ सहित कृषि एवं सहयोगी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार ने लगभग 4 घण्टे तक मैराथन बैठक लेकर एक-एक सेक्टर की संभागवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि खरीफ फसलों की बुआई का समय आ चुका है। किसानों को खाद-बीज एवं दवाई की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये।

उन्होंने 3 जून तक बीज वितरण के लक्ष्य का 75 प्रतिशत भण्डारण और 40 प्रतिशत किसानों में वितरित करने का टार्गेट दिया है। इसी प्रकार इस अवधि तक 60 प्रतिशत खाद का भण्डारण एवं 40 प्रतिशत उठाव सुनिश्चित किया जाये। भण्डारण एवं उठाव साथ-साथ चलना चाहिए। बैठक में समीक्षा के दौरान बताया गया कि वितरण का कार्य काफी धीमी गति से चल रहा है। अमूमन 15 प्रतिशत खाद-बीज का वितरण हुआ है। उन्होंने परिवहन के लिए अतिरिक्त वाहन लगाकर लक्ष्य पूर्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए। कृषि सचिव ने सभी कलेक्टरों को कृषि सोसायटिओं का दौरा कर वस्तुस्थिति से अवगत कराने को भी कहा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति तक सोसायटिओं में छुट्टिया रद्द कर दी गई हैं। अवकाश के दिनों में भी किसानों को खाद-बीज वितरित किया जायेगा। कृषि विभाग के आरएईओ को नोडल अधिकारी बनाकर सोसायटिओं में बैठाया जाये ताकि किसानों को उचित मार्गदर्शन मौके पर ही मिल सके।इसके साथ ही उन्होंने कृषि उत्पादन आयुक्त ने पशुधन विकास विभाग एवं उद्यानिकी विभाग के काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने बरसात के पूर्व सभी जरूरी टीका पशुओं को लगाने के निर्देश दिए। कलेक्टरों को अभियान की समीक्षा टीएल बैठक में करने को कहा है। उन्नत नस्ल उत्पादन के लिए कृतिम गर्भाधान को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने 30 प्रतिशत वत्स उत्पादन कृत्रिम गर्भाधान योजना के अंतर्गत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा में पाया गया है कि सरगुजा संभाग में सेब एवं स्ट्राबेरी उत्पादन के लिए उपयुक्त माहौल है। इसलिए सेब एवं स्ट्राबेरी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने दो गुना फायदा के लिए सामान्य की बजाय ग्राफ्टेड टमाटर एवं बैंगन रोपण पर जोर दिया। सरगुजा संभागायुक्त जीआर चुरेन्द्र ने फसल परिवर्तन किये जाने पर जोर दिया। धान के बदले अन्य दलहन तिलहनों के साथ गोपालन को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने बैठक के अंत में आभार प्रदर्शन भी किया। बैठक में संचालक कृषि डॉ. सारांश मित्तर, संचालक पशुपालन विभाग, डॉ. प्रियंका शुक्ला, एमडी मार्कफेड रमेश शर्मा, अतिरिक्त संभागायुक्त डोमन सिंह, संचालक उद्यानिकी जगदीशन, संचालक मछलीपालन नाग, मण्डी बोर्ड के डायरेक्टर सवन्नी सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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