बिलासपुर पुलिस लाइन में फोटोग्राफी वीडियोग्राफी कार्यशाला की शुरुआत आई जी संजीव शुक्ला ने की। बिलासपुर रेंज से आये सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारीयो को इस विषय के बारे में बारीकी से बताया और सिखाया जा रहा है। इसी बीच यह पक्ष सामने आया है कि फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पुलिस की निगाह की तरह हर समय साथ रहती है। तकनीकी एक्सपर्ट के द्वारा यह बताया जा रहा है कि इस समय पुलिस के लिए फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी अपराधों के जाच में महत्वपूर्ण उपकरण बनता जा रहा है।

अपराध के सभी मामलों में सबूत एकत्रित करने के लिए फोटोग्राफी की आवश्यकता होती है। क्योंकि जाच अधिकारी को भौतिक तौर पर सूचना एवं सबूत प्रदान करने में सहायक होती है। बकायदा क्राईम सीन भी यहां क्रिएट किया गया। जिसका एसपी ने निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि नए कानून आने के बाद सभी को इसकी जानकारी देने के साथ कई अन्य प्रयास किये जा रहे है। पुलिस फोटोग्राफी से वस्तु, घटना स्थल, शवों और अन्य प्रदर्शित वस्तुओं की तस्वीर ली जाती है। पुलिस फोटोग्राफर पेशेवर अपराधियों और दोषियों की तस्वीर रिकार्ड के लिए लेते है।

इसके अतिरिक्त कई कोण से लिखावट, हस्ताक्षर, अतिलेखन, चले हुए कारतूस, अप्राकृतिक मौत एवं हत्या के मामलों में तस्वीरें लेते है, जो बाद में इनके विशेषज्ञों को भेजी जाती है। कई बार ऐसे सबूत पकड़ में आते हैं, जो आंख से नहीं देखे जा सकते। वीडियोग्राफी का भी घटनास्थल का अवलोकन करने के लिए प्रयोग किया जाता है।



