बिलासपुर शहर में ग्रीष्मकालीन 15 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, राजेंद्र नगर के सरकारी स्कूल में आयोजित कार्यशाला में शामिल होने शहर के युवा उत्साह दिखा रहे हैं, शनिवार को पांचवा दिन पूरा हो गया है, कार्यशाला में शहर के युवा रंगकर्मी जुड़ रहे हैं, यहां थिएटर से संबंधित विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद चयनित रंगकर्मीयो का प्रदर्शन नागपुर में आयोजित नाटक फेस्टिवल में होगा। नाटय कार्यशाला में थिएटर एक्टिविटी, संवाद, भाषा शैली, इत्यादि से कलाकारों को परिचित कराया जा रहा है।



साथ-साथ नाटक शास्त्र से उन्हें रूबरू कराया जा रहा है, नाटक शास्त्र क्या है, यह पांचवा वेद कैसे बना इसकी जानकारी दी जा रही है, थियेटर के प्रति बच्चों में बड़ा उत्साह है। लोग बड़ी संख्या में जुड़ रहे हैं। युवाओं में अलग तरह का उनका क्रिएशन देखने को मिला। संगम नाटक समिति के डायरेक्टर शैलेंद्र कुशवाहा ने नाटक में करियर के अवसर के प्रश्न पर कहा रोजगार की बात करें तो नाटक एक जीवन है मतलब किसी भी प्रकार से आपको हारने नहीं देता, व्यक्तित्व निर्माण में निर्माण की सबसे बड़ी कड़ी है जरूरी नहीं की आपको इसमें व्यवसाय मिले आप किसी भी फील्ड में जाएंगे तो नाटक आपको गति देता है, आपको कहीं रुकने नहीं देता है, इसलिए नाटक आवश्यक है।

संचालक का मानना हैं कि व्यवसायिक तौर पर इसको व्यवसायिकता की ओर ले जाना है तो फिल्मों में आप जा सकते हैं, बड़े-बड़े ग्रुप हैं उसमें आप काम करके इसमें अच्छा खासा अपना नाम भी बना सकते हैं, समिति के संचालक ने बताया राष्ट्रीय कार्यशाला समाप्त होगी तो नागपुर में एक शो है, बड़े भाई साहब नाटक, मुंशी प्रेमचंद की कहानी का ड्रामाटिज कर रहे हैं, नागपुर में फेस्टिवल में इसका शो होना है। यहां से चयनित रंग कर्मी का नाट्य प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर होगा।


