एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, फॉरेस्ट्री या फिर बीटेक एग्रीकल्चर में एडमिशन के लिए व्यापमं ने रविवार को परीक्षा का आयोजन किया। साइंस और मैथ्स ग्रुप के 12 वीं पास दो हज़ार से ज्यादा युवा इसमे शामिल हुए। कृषि विज्ञान के सहारे अपनी किस्मत चमकाने का इरादा लिए युवाओं ने सवालों का सामना किया। प्री एग्रीकल्चर टेस्ट के जरिए प्रदेश के कृषि महाविद्यालयों मे प्रवेश दिया जाता है। बायो और मैथ्स सब्जेक्ट से 12 वीं क्लीयर कर चुके बड़ी संख्या मे नौजवान कृषि आधारित क्षेत्र मे कैरियर बनाने के इरादे से परीक्षा देने पहुंचे थे।



केंद्राध्यक्ष सहित एग्रीकल्चर विशेषज्ञ ने जानकारी देते हुए बताया कि पहली पाली में 12 परीक्षा केंद्रों में सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 तक प्री एग्रीकल्चर टेस्ट आयोजन किया गया वहीं दूसरी पाली में 47 परीक्षा केंद्रों में दोपहर 2 से शाम 4:15 तक प्री-बीए बीएड, बीएससी-बीएड की परीक्षा आयोजित की गई। बता दें कि एग्रीकल्चर, बीएससी हॉर्टिकल्चर, बीएससी फॉरेस्ट्री के अलावा 4 वर्षीय बीटेक एग्रीकल्चर के लिए टेस्ट मे अच्छा स्कोर करना होता है। इसी के साथ कुछ विद्यार्थियों ने जी न्यूज से अपने इम्तेहान के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की।



संतोषजनक बात य़ह रहीं की इस साल जिले मे उपस्थिती का आंकड़ा दो हजार से ज्यादा रहा। पिछले कुछ सालों मे पंजीयन के बावजूद उपस्थिति बहुत कम पायी जा रही थी। इस वर्ष 3980 मे से 1973 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल नहीं हुए। मौसम में हुए परिवर्तन और परीक्षा हॉल की उचित व्यवस्था के चलते परीक्षा हॉल में 3 घण्टे बिताने के बावजूद परीक्षार्थी परेशान या फिर विवश नही लगे।



