मोबाइल चोरी होने पर आमतौर पर अपराध दर्ज करने में पुलिस आनाकानी करती है। इसके चलते साइबर सेल भी ऐसे मोबाइल की तस्दीक नहीं कर पाती। लेकिन एसपी रजनेश सिंह की पहल पर साइबर सेल ने अनूठा काम किया है। टीम ने गुम हुए 200 मोबाइल की ना सिर्फ पतासाजी की। बल्कि, उसे बरामद कर संबंधितों को लौटाने का भी बीड़ा उठाया है। शनिवार को एसपी ने मुहिम चेतना आपकी एक आस, आपकी अमानत, आपके पास के तहत गुमे हुए मोबाइल को उनके मालिको को लौटाया।

मोबाइल गुम और चोरी होने की घटनाएं तेजी से बढ़ गई है। ऐसे में जब किसी का मोबाइल फोन गुम होता है और वह सूचना देने थाने जाता है तब मन में यह आशंका उत्पन्न हो जाती है कि मोबाइल तो मिलेगा नहीं। लेकिन, साइबर अपराध के इस दौर में थानों में सूचना देना जरूरी हो गया है। या फिर दूसरा सिमकार्ड लेने के लिए मोबाइल गुम होने की सूचना देनी पड़ती है। मोबाइल गुम और चोरी होने के मामलों को देखकर पुलिस मुखिया ने मोबाइल गायब होने पर चोरी का अपराध दर्ज करने का फरमान जारी किया था। लेकिन इसके बाद भी पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने आनाकानी करती है। इस तरह से लगातार मिल रही शिकायतों को देखकर एसपी रजनेश सिंह ने अनूठी पहल शुरू की। उन्होंने साइबर सेल प्रभारी एवं जिम्मेदार कर्मचारियों को निर्देश दिए कि सभी थानों से मोबाइल गुम होने की शिकायतों की जांच कराई जाए। जिसके बाद साइबर सेल एवं एसीसीयू की टीम ने गुम मोबाइल की पतासाजी शुरू कर दी। जांच के दौरान एक-एक कर 200 मोबाइल की जानकारी जुटा ली। साथ ही मोबाइल बरामद करने में भी सफलता हासिल की है। एसपी ने संबंधितों को सूचित कर एक साथ मोबाइल लौटाने की योजना बनाई। इसके तहत शनिवार को चेतना मुहिम के जरिये आपकी एक आस, आपकी अमानत,आपके पास एक कार्यक्रम आयोजित कर गुम मोबाइल को उनके मालिको और लाभार्थियों को वापस किया गया।



इससे पूर्व भी बिलासपुर पुलिस बीते वर्ष 2023 में 500 से ज्यादा मोबाइल लाभार्थियों को वापस लौटा चुकी है।इसी तरह फिर से एसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर बिलासपुर पुलिस ने सराहनीय पहल कर 30 लाख रुपये कीमती 200 मोबाइल को उनके मालिको को वापस लौटाया है. 6 महीना और साल भर से गायब मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे के खिल गए। इनमें से कई लोगों ने तो मोबाइल वापस मिलने का भरोसा भी छोड़ दिया था। लेकिन बिलासपुर पुलिस ने चेतना मुहिम के जरिये आपकी एक आस, आपकी अमानत, आपके पास कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को मोबाइल लौटाए। कार्यक्रम के दौरान पुलिस के अधिकारियों ने वर्तमान में प्रचलित सायबर ठगी के नये प्रारूप सेक्सटार्सन, वॉट्सएप्प की डी.पी. बदलकर ठगी करने, बिटकॉईन, टूरिज्म प्लॉन के नाम पर, कस्टमर केयर के नाम पर, ऑनलाईन लोन एप्प एवं अन्य तरीको से किये जाने वाले ठगी के बारे में जानकारी देकर उससे बचाव के उपाय साझा किये।



