Homeहमर बिलासपुर40 साल का महा संकल्प हुआ पूरा, एक निष्ठ प्रयास से दुर्गा...

40 साल का महा संकल्प हुआ पूरा, एक निष्ठ प्रयास से दुर्गा मंदिर संपन्न, अब प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित।

बैमा नगोई में विद्या देवी सराफ द्वारा दुर्गा मंदिर बनाने का 40 वर्ष पूर्व लिया गया संकल्प पूरा हुआ है। मंदिर के निर्माण में मां दुर्गा माता की मूर्ति के साथ शंकर भगवान, श्री गणेश, कार्तिकेय स्वामी, बजरंग बली एवं भैरव बाबा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। पहले दिन इस मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए कलश यात्रा निकाली गई। इसमें महिलाएं पीले वस्त्र धारण किए हुए कलश के साथ तालाब से जल लेकर, दुर्गा मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा को विधिवत रूप से संपन्न किया गया।

40 वर्ष पूर्व विद्या देवी सराफ ने संकल्प लिया था कि बैमा नगोई में दुर्गा मंदिर की स्थापना करेगी। इस संकल्प के लिए उन्होंने 40 वर्ष तक केवल एक समय अन्न ग्रहण किया। इस कठोर संकल्प का ही परिणाम है कि इतने वर्षों बाद दुर्गा मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा विधिवत और धूमधाम से संपन्न हुई। इस दौरान कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। पाांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा उत्सव में प्रथम दिवस कलश यात्रा, द्वितीय दिवस पूजन, अभिषेक, अर्चन, पुष्पाधिवास, फलाधिवास, तृतीय दिवस पूजन, अभिषेक, सहस्त्ररार्चन, अन्नाधिवास, मिष्ठन्नाधिवास, चतुर्थ दिवस पूजन, अभिषेक, अर्चन, विविध वास, नगर भ्रमण, शैयाधिवास एवं अंतिम पंचम दिवस प्राण प्रतिष्ठा समारोह में पूजन, स्नैपन, प्रतिष्ठा, शृंगार, महाआरती, हवन, पूर्णाहुति, सहत्रअर्चन, ब्राह्मण भोज एवं भंडारा कार्यक्रम किया गया।

गौरतलब है कि कश्यप कॉलोनी निवासी बिद्या देवी सराफ ने 40 साल पहले दुर्गा माता का मंदिर बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने उस दिन से ही मंदिर बनाने की ठान ली। प्रायश्चित शुरू कर दिया। एक समय ही भोजन करतीं रहीं, साथ ही मंदिर के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी थी। इसमें उनका साथ विजय शर्मा ने दिया। दो साल पहले बैमा-नगोई में 56 डिसमिल जमीन खरीदीं। इसके बाद यहां मंदिर बनाने का कार्य शुरू हो गया। दो साल बाद मंदिर अपने स्वरूप में आ गया है।

जमीन खरीदने और मंदिर बनाने में लगभग 4 करोड़ रुपए खर्च हुए। विद्या देवी सराफ ने इस मंदिर को बनाने में किसी से कोई सहायता नहीं ली। अब इसमें देवी-देवताओं की प्राण-प्रतिष्ठा शुरू हो गई है। विद्या देवी सराफ का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए वह अपनी बेटी रमानी और दामाद कृष्ण मोहन पाण्डेय के हाथों प्राण-प्रतिष्ठा करवा रही हैं। विद्या देवी सराफ द्वारा दुर्गा मंदिर बनाने का 40 वर्ष पूर्व लिया गया संकल्प अब पूरा हुआ है। क्षेत्र में यह मंदिर बनने से स्थानीय श्रद्धालुओं में भी हर्ष है और पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments