राशन कार्ड को बीपीएल में कन्वर्ट कर राशन की हेराफेरी के मामले में फूड कंट्रोलर से लेकर फूड इंस्पेक्टर और स्टाफ की भूमिका की जांच करने मुख्यालय से टीम आएगी। खाद्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मामले की उच्च स्तरीय जांच होगी। टीम यह देखेगी कि किसकी अनुशंसा पर एपीएल कार्ड, बीपीएल बनाए गए और किसके मॉड्यूल से ये कार्ड बने हैं। बता दें कि खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने भी मामले में जांच की बात कही थी। जांच का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विद्यानगर की जिस राशन दुकान से 14 संदिग्ध राशन कार्ड मिले थे, उसमें से फूड इंस्पेक्टर कश्यप को सिर्फ चार राशन कार्डधारी ही मिले, जिन्होंने इस बात की पुष्टि की है। उनकी जानकारी के बगैर ही एपीएल से बीपीएल कार्ड बना है। बाकी कार्डधारियों तक इंस्पेक्टर पहुंच ही नहीं पाए।



राशन दुकान संचालक पर इस बात को लेकर एफआईआर कराई गई है कि उसने कार्डधारियों से राशि की हेराफेरी की है। इस बात को जांच में शामिल नहीं किया गया कि उसे कहां से कार्ड उपलब्ध हुए थे। जब से यह मामला सामने आया है तब से खाद्य अधिकारी भदोरिया अपने कार्यालय में ही नजर नहीं आते, गुरुवार को भी जब उनसे मामले की प्रगति के बारे में जानने पहुंचे तो वहां ताला लटका नजर आया और वही विभाग में सन्नाटा पसरा दिखा। इससे खाद्य अधिकारी भी संदेह से परे नहीं नजर आ रहे है।


