पुलिस लाइन में पुलिस के आलाधिकारियों की उपस्थिति में फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों ने थाना के पुलिस कर्मचारियों को फिंगरप्रिंट का प्रशिक्षण दिया। विवेचना में वैज्ञानिक विधियों की उपयोग की जानकारी दी गयी। इस दौरान पुलिस कर्मचारियों को फिंगरप्रिंट साइंस, फिंगरप्रिंट ट्रैकिंग, फिंगरप्रिंट डेवलपिंग, चांस प्रिंट के बारे में भी विस्तार से बताया गया।

बिलासपुर रेंज आईजी संजीव शुक्ला के निर्देश पर पुलिस लाइन स्थित सभाकक्ष में रेंज स्तरीय पांच दिवसीय प्रिंगर प्रिंट प्रशीक्षण शिविर का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम में फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों द्वारा रेंज के तमाम विवेचकों को आरोपियों को पकड़ने का साइंटिफिक तरीका बताया गया।फिंगरप्रिंट साइंस के तहत फिंगरप्रिंट ट्रैकिंग में सर्च स्लीप का तरीका और रिकॉर्ड रखे जाने की जानकारी दी गयी। फिंगरप्रिंट डेवलपिंग, चांस प्रिंट का प्रशिक्षण दिया गया।इस दौरान पुराने केस स्टडी की जानकारी भी दी गई। सभी को प्लेन पेपर में फिंगर प्रिंट लेने का तरीका भी बताया गया। अन्य स्थानों से फिंगरप्रिंट लेने का तरीका समझा कर प्रैक्टिकल भी कराया गया। बताया गया कि कानून में हो रहे संशोधन के बाद किस तरह से किसी घटनास्थल पर संदिग्ध अपराधियों के फिंगरप्रिंट की बारीकियों को साक्ष्य के रूप में एकत्रित करना है ताकि उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी सजा हो सके इसपर प्रकाश डाला गया। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के फिंगरप्रिंट को रिकॉर्ड स्लिप, सर्च स्लिप में लिये जाने एवं फिंगर प्रिंट को नफीस सिस्टम में अपलोड करने की महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गयी।



कार्यशाला में उपस्थित रेंज के सभी विवेचकों को बताया गया कि आने वाले समय में नफीस सिस्टम के जरिए एक राज्य से दूसरे राज्य या जिलों में अपराध कारित कर फरार हुये आरोपियों की पहचान करने में पुलिस को आसानी होगी। इसके साथ ही आगामी दिनो पांच दिवसीय कार्यशाला के समापन में बिलासपुर रेंज आईजी, विवेचकों के साथ मुख्य अतिथि के रूप में एडीजी भी मौजूद रहेंगे।



