अघोषित बिजली कटौती और बिजली दर में बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। तिफरा स्थित संभागीय कार्यालय के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लालटेन लेकर बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोला और राज्यसरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

पिछले कुछ महीनों से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे बेतहाशा बिजली कटौती को लेकर आमजनता गुस्से में है। बिजली कटौती ओर दर में बढ़ोतरी को लेकर जनता में भारी आक्रोश है।यही वजह है कि अब जनता के साथ राजनीतिक पार्टियां भी इसके विरोध में आ गई है। इसी कड़ी में शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी के द्वारा बिलासपुर जिले के ब्लॉक मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि छत्तीसगढ़, जो कि एक सरप्लस बिजली उत्पादन करने वाला राज्य है, वहां की जनता को बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों और गरीबों पर बिजली दर में बढ़ोतरी का बोझ डाला जा रहा है।

प्रदर्शन में शामिल हुए सिरगिट्टी क्षेत्र के जनप्रतिनिधि ने केंद्र और राज्य सरकार पर नेट एवं नीट पेपरों के लीक जैसे मामलों में घेरा और गम्भीर आरोप लगाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिजली दर में बढोतरी कर आम जनता, विशेषकर किसानों और गरीबों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। जनता के समर्थन के साथ, वे सरकार पर दबाव बनाएंगे कि वह बिजली की समस्याओं को तुरंत हल करे और दरों में बढ़ोतरी को वापस ले।


विरोध कर रहे कांग्रेसियों ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार आई है, तब से सरप्लस राज्य में कीमत में बढ़ोतरी करने के साथ ही कटौती भी की जा रही है। बिजली कटौती से बुवाई के सीजन में किसान परेशान हैं। वही इसके खिलाफ उग्र आंदोलन करने की उन्होंने चेतावनी भी दी है।


