शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीट रिजर्व रखा जाता है, जिसमें बीपीएल बच्चों को दाखिला दिया जाता है। लेकिन कुछ सालों में देखा गया है कि बच्चे वहां से ड्रॉप आउट ले रहे हैं अर्थात स्कूल छोड़ रहे हैं। लगातार स्कूल छोड़ने की घटना ने शिक्षा विभाग को चिंता में डाल दिया है। क्योंकि बड़ी मुश्किल से लंबी प्रक्रिया लॉटरी द्वारा छात्रों का चयन किया जाता है, उसके बावजूद भी बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं जो चिंता का कारण है, कारण जानने शिक्षा विभाग बैठक लेकर इस पर कार्यवाही करने की बात कह रहा है, जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि 5 वर्षों में 3963 छात्रों ने ड्रॉप किया है, अलग-अलग स्कूलों में अलग-अलग कारण आए हैं, कारण का निवारण के लिए बैठक की जा रही है, जिससे बच्चे स्कूल ना छोड़े और यह संख्या नील हो जाए। इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।



शिक्षा अधिकारी का कहना है कि आरटीई के तहत शासन पढ़ाई को प्रोत्साहित करने शुल्क अदा करता है इसके बावजूद भी बच्चे स्कूल छोड़ देते हैं, वही निजी स्कूलों में ड्रेस और पुस्तक पर भारी भरकम खर्च को देखते हुए बच्चे ड्रॉप आउट करते हैं के प्रश्न पर डीईओ ने कहा कि पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा बच्चों को पुस्तक फ्री में दी जाती है और वही गणवेश के लिए भी शुल्क दिया जाएगा।



