पुलिस लाइन में आयोजित रेंज स्तरीय पांच दिवसीय अपराध जांच का विज्ञान, फिंगरप्रिंट उठाना, बुनियादी फिंगरप्रिंट विज्ञान और नेफिस प्रशिक्षण का शनिवार को समापन किया गया। इस दौरान प्रभारी एसपी के द्वारा विवेचकों को प्रमाण पत्र भी वितरण किया गया।

बिलासपुर रेंज के आईजी डॉ.संजीव शुक्ला के निर्देश पर पुलिस अधिकारियों द्वारा रेंज के 187 कर्मचारियों को अपराध जांच का विज्ञान, फिंगरप्रिंट उठाना, बुनियादी फिंगरप्रिंट विज्ञान और NAFIS प्रशिक्षण देते हुए देश मे 1 जुलाई से लागू होने जा रहे नए कानून के सम्बंध में विस्तृत जानकारी दी गयी। उस क़ानून में प्रावधान के तहत 7 वर्ष या 7 वर्ष से अधिक सजा वाले मामलो में न्याय दल, विवेचक, फोटो वीडियो, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट का गठन कर विशेष टीम द्वारा विवेचना कर घटना स्थल का भौतिक साक्ष्य संग्रहण कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जाये।

ताकि भौतिक साक्ष्य के आधार पर आरोप सिद्ध किया जा सके और दोषसिद्ध आरोपी और संदेही पूर्व में किसी मामले में आरोपी है या नहीं उसका नेफिस में फिंगरप्रिंट फोटो वीडियो का डाटा अपलोड कर उसे दुरुस्त रखा जाए।जो घटना के विवेचना में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में रहेगी। प्रत्येक अपराध का उद्देश्य होता है, न्यायालय में उद्देश्य सिद्ध करने के लिए भौतिक साक्ष्य महत्वपूर्ण होती है जिसे प्राथमिकता और सावधानी पूर्वक संग्रहण के लिए प्रशिक्षण दिया गया। रेंज एवं ज़िला में फिंगरप्रिंट, फोटो वीडियो ग्राफ़र की कमी के कारण थाना स्तर पर कर्मचारी को इसके लिए तैयार कर विवेचना करने के लिए समस्त थाना से 2-2 स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया।

पुलिस मुख्यालय से उक्त प्रशिक्षण के लिए फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट निरीक्षक अजय साहू, निरीक्षक अंजली मिंज, सहायक निरीक्षक विनीता शर्मा को प्रशिक्षक नियुक्त किया गया था। रेंज फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट निरीक्षक विद्या जौहर और पीएचक्यू से NAFIS टीम के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया और नमूना घटना स्थल तैयार कर अभ्यास कराया गया। इसी के साथ प्रशिक्षित पुलिस कर्मचारियों को 5 दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन प्रभारी पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल के द्वारा प्रमाण पत्र देकर सभी को अच्छी विवेचना कर न्यायालय में आरोप सिद्ध किया जा सके इसके लिए शुभकामनाएं दी गयी।



