इन दिनों जगन्नाथ महाप्रभु के साथ दाऊ बलभद्र और बहन सुभद्रा भी ज्वार से पीड़ित है। देव स्नान पूर्णिमा पर 108 कलशों से महा स्नान करने के बाद तीनों बीमार पड़ गए हैं ।इसी कारण में श्रद्धालुओं को अगले 15 दिनों तक दर्शन वे नहीं देंगे। बिलासपुर के रेलवे क्षेत्र स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भी पुजारी भगवान के उपचार के लिए उन्हें काढा और अन्य आयुर्वेदिक औषधियां दे रहे हैं।



दशमुली उपचार के साथ उन्हें सुपाच्य भोजन दिया जा रहा है। इन 15 दिनों तक भगवान अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। 1996 में निर्मित श्री जगन्नाथ मंदिर के पुजारी गोविंद पाड़ी ने बताया कि 6 जुलाई तक मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे। तीनों देव प्रतिमा का इस दौरान उपचार किया जाएगा। इसी दौरान गुंडिचा रथ यात्रा की तैयारी भी चल रही है। 6 जुलाई को नवजोबन और नेत्र उत्सव के साथ भगवान एक बार फिर श्रद्धालुओं के समक्ष होंगे। यहां आगामी 7 जुलाई को रथ यात्रा निकाली जाएगी।





