बिलासपुर उद्योग भवन में 50वां अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस मनाया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री एवं नगर विधायक अमर अग्रवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्योग संघ के पितामाह हरीश केडिया ने की। अध्यक्ष अनिल सलूजा ने बताया कि अमर अग्रवाल हमेशा हमारे मार्गदर्शक हमारे संरक्षक के रूप में सहयोग करते है, उद्योग संघ के मेले ने पूरे बिलासपुर की पहचान देशभर में बनाई, स्वर्गीय पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली जी भी अमर अग्रवाल के बहुत ज्यादा करीब रहे है, जीएसटी को लेकर अमर अग्रवाल ने बागी अरुण जेटली को सुझाव दे चुके है।

एमएसएमई दिवस पर जिला उद्योग भवन में आयोजित बैठक में शहर के उद्योगपतियों के साथ विधायक अमर अग्रवाल शामिल हुए। यहां बंद हो चुके व्यापार मेले को पुनः आरंभ करने के साथ अन्य महत्वपूर्ण विषयो पर चर्चा हुई। प्रदेश अध्यक्ष हरीश केडिया ने कहा कि हिंदुस्तान का सबसे बड़ा रोजगार का साधन कृषि क्षेत्र और दूसरा लघु उद्योग एमएसएमई है। उद्यम कुल पंजीयन 5 करोड़ 63 लाख 52 हजार से अधिक है, 20 करोड़ 30 लाख से अधिक को रोजगार एमएसएमई लघु उद्योग संघ ने दिया है, भारत मे 4 करोड़ 63 लाख से ज्यादा एमएसएमई के सदस्य है। पीएम मोदी सबसे ज्यादा समर्थन करते है। सिरगिट्टी इंडस्ट्रियल क्षेत्र में विभिन्न समस्याओं के साथ पानी की सबसे बड़ी समस्या है, श्रम एवं पर्यावरण विभाग को हरीश केडिया ने उद्योग विरोधी विभाग बताया, कहा पूरे देशभर में यही दो विभाग है जो सबसे ज्यादा तंग करते है, अलग अलग अधिनियम का हवाला देकर मशीनरी उपकरण लगाने दबाव बनाते है। छत्तीसगढ़ में इसको लेकर पोर्टल बन गया है, अपलोड भी हो गया है लेकिन उसका बटन दबाने जिन अधिकारियों को अधिकार मिला है उनका सायद हाथ कांपते है।



इस दौरान अमर अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर में 4 हजार लघु उद्योग है, तिफरा सिरगिट्टी में 1 हजार बाकी अन्य क्षेत्रों में है 3 हजार उद्योग, इसमें 40 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। इसलिए लघु उद्योग को जो भी देखे यही कहे कि यह विभाग रोजगार देने वाला है इसलिए हमारा सम्मान मुस्कुराते हुए होना चाहिए। अमर अग्रवाल के विधायकी तक 1 हजार लघु उद्योग स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया, अमर अग्रवाल ने हरीश केडिया से आग्रह किया कि इस बार व्यापार मेला संचालन आप ही करे।



एक अरसे बाद बिलासपुर के उद्योगपतियों की बैठक में नई सरकार से कई उम्मीद जताई गई। इस दौरान बड़ी संख्या में उद्योग संघ से जुड़े उद्योगपति और व्यवसायी मौजूद रहे।


