शहर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के भीतर रहने के बावजूद, उमस के कारण लोग परेशान हैं। आसमान में बादल छाए हुए हैं, लेकिन बारिश का इंतजार अब भी जारी है। हालांकि हल्की बारिश से कोई खास फर्क नही पड़ा इसलिए मौसम की बेरुखी से किसान भी चिंतित है। मौसम विभाग का कहना है कि पांच जुलाई तक अच्छी वर्षा की संभावना बनी हुई है। मौसम विज्ञानियों का मानना है कि सिस्टम कमजोर पड़ने के कारण यह उमस भरी स्थिति उत्पन्न हुई है। हवाओं के साथ बादलों का खेल जारी है और किसी भी वक्त बारिश होने की संभावना है। आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद अब तक बारिश नहीं हुई है। लोग इस उमस से राहत पाने के लिए बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

मौसम विज्ञानी का कहना है कि 28 जून से लेकर एक जुलाई तक हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। तीन जुलाई के बाद वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि होगी। इससे उमस से परेशान लोगों को राहत मिल सकती है। मौसम का मिजाज बदलते ही बारिश का आनंद उठाने के लिए तैयार रहें।एक पूर्व पश्चिम द्रोणिका उत्तर-पश्चिम राजस्थान से मणिपुर तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर 1.5 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में 27 जून को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।


