होटल, किला, लॉज की रिव्यू रेटिंग देने पर भारी भरकम मुनाफा देने के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ने में बिलासपुर पुलिस को कामयाबी मिली है। खास बात है कि इस बार पुलिस के हाथ बांग्लादेश और कैमरून के भी आरोपी लगे हैं। इसका खुलासा सोमवार को किया गया। कम मेहनत में अधिक मुनाफा वह जाल है जिसमें आसानी से लोग फंस जाते हैं। हालांकि इससे उन्हें मुनाफा तो क्या मिलता है, उनकी जिंदगी भर की जमा पूंजी जरूर ठगो के पास पहुंच जाती है। मोपका बिलासपुर में रहने वाले सियाराम शरण तिवारी भी ऐसे ही धोखेबाजों के शिकार बन गए। व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर उन्हें बताया गया कि वे घर से ही ऑनलाइन काम कर लाखों रुपए कमा सकते हैं। इसके लिए उन्हें टेलीग्राम एप के माध्यम से लिंक भेज कर गूगल मैप पर होटल, लॉज कैसल आदि की ऑनलाइन रिव्यू रेटिंग देकर उसका स्क्रीनशॉट भेजने को कहा गया।



इसके बदले में मोटी रकम देने की बात कही गई थी, लेकिन ठगों ने अलग-अलग बहाने कर उनसे 27 लाख 80 हजार 510 रुपए ठग लिए। इसकी शिकायत पुलिस में की गई। पुलिस ने साइबर पोर्टल के माध्यम से आरोपियों की तलाश शुरू की। बैंक स्टेटमेंट, एटीएम फुटेज के आधार पर जानकारी मिली कि ठगों का ठिकाना हिमाचल प्रदेश के शिमला और सोलन के आसपास है। इसके बाद पुलिस की एक टीम शिमला और सोलन पहुंची, जहां एक सप्ताह तक आरोपियों का पता ठिकाना ढूंढा गया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से मूलतः हैदराबाद निवासी प्रियांशु रंजन तक पुलिस पहुंच गई। पूछताछ में उसने बताया कि वह अपने साथी शोबुज मोरल, राजवीर सिंह और टेम्कु कार्ल नगेह के साथ मिलकर पिछले 1 साल से टेलीग्राम एप के माध्यम से लोगों को जोड़कर मुनाफा देने के नाम पर उल्टे उन्हें ठग रहा था। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल हो रहे लैपटॉप, फर्जी सिम कार्ड, फर्जी बैंक खाता आदि जप्त किया हैं। खास बात यह है कि चारों आरोपी बाहरा यूनिवर्सिटी काला घाट सोलन के छात्र है।

इस मामले में पुलिस ने हैदराबाद निवासी प्रियांशु रंजन के अलावा जम्मू कश्मीर में रहने वाले राजवीर सिंह को गिरफ्तार किया है ।साथ ही खुलना बांग्लादेश निवासी मोहम्मद सोबुज मोरल और कैमरून में रहने वाले टेम्कु कार्ल नगेह को गिरफ्तार किया है। यह सभी एक साथ पढ़ाई करने के दौरान साइबर फ्रॉड भी करने लगे थे। दो भारतीयो के साथ बांग्लादेश और कैमरून के आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने करीब ₹9 लाख रुपए वापस हासिल किए हैं, हालांकि इन लोगों ने करीब 28 लाख रुपए की ठगी की है। इसे बिलासपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।



