बिलासपुर के कोनी में दस मंजिला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की बिल्डिंग अब तक तैयार नही हो सकी है। 99 करोड़ में तैयार हो रहे बिल्डिंग का काम केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग का दावा है 15 जुलाई को बिल्डिंग हैंड ओवर करेगी और 15 अगस्त से ओपीडी चालू करने की बात कही जा रही है। मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण 9 अगस्त 2018 से प्रारंभ हुआ है जिसे 23 फरवरी 2021 तक कंप्लीट होना चाहिए था लेकिन अब तक बिल्डिंग का काम पूरा नही हो सका हैं, 240 बेड वाला मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में सात विभाग होगे, जिसमें आर्थो, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी सहित महत्वपूर्ण बीमारियों के इलाज के लिए विभाग बनाए गए हैं, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग का कहना है कि विभिन्न तकनीकी कारणों के चलते बिल्डिंग निर्माण में देर हुई है।



गौरतलब हैं कि अस्पताल के लिए न डॉक्टरों की भर्ती की गई है और न ही नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की। सीएम विष्णुदेव साय ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को फरवरी तक सभी कार्य पूरा करने को कहा था जो अब तक पूरा नही हुआ है। यह अस्पताल केंद्र प्रवर्तित योजना के तहत बन रहा है। इसमें केंद्र 60 तथा राज्य सरकार ने 40 फीसदी फंड दिया है। काम की गति को देखते हुए लगता नहीं कि अगस्त तक डॉक्टर समेत नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती हो पाएगी। सभी मशीनें भी पूरी तरह लग जाए, इसकी संभावना कम है। दरअसल डॉक्टरों की भर्ती सीजीपीएससी से होगी।

बिलासपुर में बिल्डिंग पूरी तरह तैयार है, लेकिन सभी कमरों में बिजली नहीं लग पाई है। ऑपरेशन थिएटर नहीं बना है।
ऐसे में जरूरी मशीनें भी नहीं लगाई जा सकी हैं। एमआरआई, सीटी स्कैन और सोनोग्राफी मशीनों का भी पता नहीं है। कोनी में नई बिल्डिंग बनी है। वहां सिम्स को 45 एकड़ जमीन मिली है। बिल्डिंग हैंडोवर होने के बाद जब यहां अस्पताल शुरू होगा तो प्रदेश वासियों के लिए एक बड़ी सौगात होगी लेकिन विभिन्न कारणों के चलते यह काम टलता ही जा रहा है, अब देखना होगा कि कब इस मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की सुविधा प्रदेश वासियों को मिल पाती है।


