शुक्र ग्रह अस्त होने के कारण दो माह बाद जुलाई महीने में मांगलिक कार्य हो सकेंगे। लेकिन जुलाई माह में चुके तो फिर विवाह संबंध में बांधने के लिए 4 महीने का इंतजार करना पड़ सकता है। आमतौर पर यहां मई और जून में जमकर शादियां होती है। लेकिन इस वर्ष अप्रैल के बाद मई और जून में विवाह का कोई मुहूर्त नहीं होने से अब अगले माह के सात मांगलिक मुहूर्त में ही कन्या वह लड़के का विवाह करना पड़ेगा। दरअसल मई और जून माह में शुक्र के अस्त होने से विवाह के लिए मांगलिक मुहूर्त नहीं थे।



इस माह में 5 जुलाई से शुक्र के उदय होने के बाद शादियां हो सकेंगे। लक्ष्मी नारायण मंदिर के पंडित जी ने बताया कि जुलाई माह में भी विवाह योग्य जातक को शादी के लिए मात्र 7 दिन ही शुभ मुहूर्त मिलेंगे। वहीं जुलाई माह में 15 तारीख तक विवाह के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा। अगर जुलाई के 7 दिनों में विवाह नहीं होता तो फिर नवंबर माह में शुभ मुहूर्त में विवाह करना होगा।



